खेल डेस्क। इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंगम में खेला जा रहा तीसरा मैच भारत के युवा विकेटकीपर ऋषभ पंत के लिए यादगार बनता जा रहा है। इस मैच में ऋषभ पंत को दिनेश कार्तिक के स्थान पर भारत की अन्तिम एकादश में जगह दी गई।
मैच में उतरने के साथ ही वह भारतीय टीम की ओर से टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले पांचवें युवा विकेटकीपर बल्लेबाज बने। पंत ने 20 साल और 318 दिन में पहला टेस्ट मैच खेला।
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जब पंत को पहली बार टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी करने का मौका मिला तो उन्होंने छक्का लगाकर खाता खोला। वे टेस्ट क्रिकेट में इस तरह से पदार्पण करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
पंत ने अपने पदार्पण टेस्ट की दूसरी ही गेंद पर स्पिन गेंदबाज आदिल राशिद की गेंद पर छक्का लगाकर खाता खोला। इस पारी में पंत ने 24 रन बनाए। अब पंत ने विकेट के पीछे भी शानदार प्रदर्शन कर एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
अपने टेस्ट करियर की पदार्पण पारी में पंत पांच बल्लेबाजों को आउट करने के मामले में दुनिया के तीसरे और एशिया के पहले विकेट कीपर बन गए हैं। पंत से पहले विश्व के दो विकेटकीपर ही ये उपलब्धि हासिल कर सके थे। ऑस्ट्रेलिया के ब्रायन ताबेर ने 1966 में खेले गए जोहानिसबर्ग टेस्ट में और उन्हीं के देश के जॉन मेकलीन ने 1978 में ब्रिसबेन टेस्ट में ये उपलब्धि हासिल की थी।
पंत को इस टेस्ट में इंग्लैंड की दूसरी पारी में भी विकेट कीपिंग करनी है और वह पदार्पण टेस्ट मैच में सर्वाधिक कैच पकडऩे का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते हैं। भारत की ओर से पदार्पण टेस्ट मैच में पंत से पहले नरेन तमहाने (1955), किरण मोरे (1986) और नमन ओझा (2015) ने पांच-पांच विकेट हासिल किए थे।