Halo !!! Saya Kang Ismet, ini adalah blog tentang AMP HTML dan cara penerapannya

खेल प्रेमी भी थे भारतरत्न वाजपेयी, पाक दौरे पर जा रहे भारतीय खिलाड़ियों को दी ‘खेल ही नहीं, दिल भी जीतिए’ जैसी शुभकामनाएं

इंटरनेट डेस्क। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और राजनीति के ​भीष्म पितामह अटल बिहारी वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं रहे। 93 साल के इस दिग्गज नेता का दिल्ली के एम्स अस्पताल में गुरूवार शाम निधन हो गया। उनके निधन की खबर सुनते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन की खबर से राजनीति, क्रिकेट जगत और बॉलीवुड जगत में भी सन्नाटा छा गया है।

एक बेहतरीन वक्ता और कवि होने के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री व भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी खेल प्रेमी भी थे। 2004 में अटल जी की पहल के बाद ही आतंक के साये में भारत ने पाकिस्तान का ऐतिहासिक दौरा किया था। जब भारतीय टीम सौरभ गांगुली के कप्तानी में पाकिस्तान में पांच वनडे और तीन टेस्ट मैच का दौरा कर रही थी। पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पूर्व सौरभ गांगुली की अगुवाई वाली टीम दिवंगत आत्मा यानी कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिली। भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री ने टीम इंडिया को भेंट स्वरूप एक बल्ला दिया और उस बल्ले पर एक शानदार पंक्ति लिखी हुई कि ;खेल ही नहीं, दिल भी जीतिए शुभकामनाएं दी थी।

उनके कार्यकाल में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मतभेद को हल करने में अटल ने क्रिकेट का भी सहारा लिया। भारतीय टीम के दिए गए बल्ले पर लिखे वो शब्द टीम इंडिया में घर कर गए और टीम इंडिया ने पाकिस्तान में उसकी धरती पर ही पांच वनडे मैचों की सीरीज को 3—2 और टेस्ट मैच में 2—1 हराने में सफल हुई। 2004 में भारतीय टीम अटल बिहारी वाजपेयी की मंजूरी के बाद ही पाकिस्तान दौरे पर गई थी। वीरेन्द्र सहवाग का इसी दौरे पर मुल्तान के सुल्तान नाम पड़ा था।

क्योंकि ​पूर्व हिटमैन वीरेन्द्र सहवाग ने मुल्तान टेस्ट मैच में 309 की शानदार पारी खेली थी। बंगाल टाइगर की अगुवाई में पाकिस्तान के ऐतिहासिक दौरे पर गई इंडिया टीम में भारतरत्न सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, जहीर खान, इरफान पठान, लक्ष्मीपति बालाजी, मोहम्मद कैफ जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे।

आज भले ही भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट संबंध अच्छे नहीं हो। लेकिन क्रिकेट के रिश्तों को सुधारने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की पहल सराहनीय थी, जो उनके खेल प्रेम को झलकाता था। वनडे सीरीज जीतते ही पूर्व प्रधानमंत्री ने सौरभ गांगुली की अगुवाई वाली टीम को फोन पर बधाई दी। उस समय पाकिस्तान दौरे का कड़ा विरोध किया गया। लेकिन जब टीम इंडिया जीतकर स्वदेश लौटी तो उनका शानदार स्वागत किया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का वादा भी पूरा किया।