मौजूदा भारतीय कप्तान विराट कोहली और पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी दोनों ही क्रिकेट के शानदार खिलाड़ी हैं. मगर विराट कोहली जहां मैदान पर आक्रामक शैली अपनाते हैं, तो वहीं धोनी शांत नजर आते हैं. इसीलिए धोनी को कैप्टन कूल के नाम से भी जाना गया है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्ड्सन ने कहा कि क्रिकेट को धोनी और कोहली दोनों जैसे ही खिलाड़ी चाहिए.
ये कहा रिचर्ड्सन ने
एमसीसी काउड्रे लेक्चर के दौरान रिचर्ड्सन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बढ़ रही धोखेबाजी और आरोप प्रत्यारो पर चिंता व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों और कोचों से इस पर रोक लगाने के लिए अधिक से अधिक प्रयास करने के लिए कहा. उन्होंने लेक्चर के दौरान कहा ”मैदान पर क्रिकेट को महानायकों की जरुरत है”

”कॉलिन मिलबर्न्स, फ्रेडी फ्लिंटॉफ, शेन वार्न, विराट कोहली और बेन स्टोक्स जैसे, लेकिन हमें फरक वारेल, महेंद्र सिंह धोनी, राहुल द्रविड़ जैसों की भी जरुरत है. जिससे ये सुनिश्चित हो सके कि हम लकीर के सही तरफ रहें.”
रिचर्ड्सन का कहना है कि आईसीसी के पास सभी चुनौतियों का जवाब नही है लेकिन उससे निपटने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा ”निजी छींटाकसी, आउट होने वाले बल्लेबाजों को फ़ील्डरों द्वारा विदाई देना, अनावश्यक शारीरिक संपर्क, अंपायर के फैसले के खिलाफ खिलाड़ियों का नही खेलने की धमकी देना और गेंद से छेड़खानी. यह वो खेल नही है, जिसे हम दुनिया के सामने रखना चाहते हैं”

रिचर्ड्सन ने कहा कि आईसीसी खिलाड़ियों को खेलभावना के महत्व को बताने की कोशिश कर रही है. साथ ही रिचर्ड्सन ने कहा कि जीतना हर टीम चाहती है पर किसी भी कीमत पर नहीं. उन्होंने कहा ”आज कल कोच या टीम मेनेजर तुरंत खिलाड़ियों का पक्ष लेकर अंपायर पर पक्षपात का आरोप लगा देते हैं. मैच रेफरी के कमरे तक शिकायत लेकर पहुंच जाते हैं. जीतना हर टीम का लक्ष्य होते पर हर कीमत पर नहीं”
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