भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाजी से बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ खुश नहीं हैं। बर्मिंघम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के पहली पारी में 287 रन के जवाब में अच्छी शुरूआत की थी। लेकिन इसके बाद मध्यक्रम पूरी तरह से लड़खड़ा गया।
संजय बांगड़ बल्लेबाजों से नहीं हैं खुश
भारतीय टीम इस टेस्ट मैच की पहली पारी में विराट कोहली के शानदार शतक और पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ अहम साझेदारी से केवल 13 रन ही दूर रहा लेकिन जिस तरह से भारतीय टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने बल्लेबाजी की है उससे संजय बांगड़ बड़े ही निराश हैं।

कोहली के अलावा कोई बल्लेबाज नहीं दिखा सका दम
इंग्लैंड के पेस अटैक के सामने विराट कोहली की 149 रनों की पारी अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। ऐसे में अगर विराट कोहली इस तरह से टीम को संभालने में नाकाम रहते तो भारतीय टीम की स्थिति मुश्किल हो जाती।

अच्छी शुरूआत का लाभ उठाए बल्लेबाज
संजय बांगड़ ने बल्लेबाजी को लेकर कहा कि “एक बार हमें अच्छी शुरूआत मिलने के बाद उस पर हमें कायम होना चाहिए।लेकिन ओपनर ने तो नई गेंद को अच्छे से संभाला और सैम कुरेन ने उसके बाद जो एंगल बनाया इसका श्रेय उन्हें देना चाहिए।”

कुक का विकेट मिलने से मिला संतुलन
बांगड़ ने कहा कि “इंग्लैंड की इन परिस्थितियों में खेलने के लिए ये प्रयोग किया जाता है और वास्तव में हम इस तरह की परिस्थितियों में नहीं खेलते हैं लेकिन अंतर केवल 13 रन का रहा। निश्चित रूप से मैच को वास्तव में अच्छा रखा है और दिन के अंत में जो विकेट मिला उससे हमें अच्छे संतुलन में डाल दिया है।”

बल्लेबाजों को बाहर की गेंद पर करना होगा काम
विराट कोहली को लेकर संजय बांगड़ ने कहा कि “मुझे लगता है कि उन्होंने शानदार अनुशासन दिखाया। उन्होंने बाहर जाती गेंदो को बिल्कुल भी खेलने की कोशिश नहीं की। शायद कुछ उन्य बल्लेबाजों ने बाहर जाती गेंदो को खेला। इसी कारण से उनको विकेट खोना पड़ा। लेकिन ये एक ऐसी चीज है जिसे हम उन्हें कह रहे हैं अभ्यास कर रहे हैं। लेकिन कोई दिन ऐसा होता है जब ये दिन आते हैं। कभी-कभी ये बल्लेबाज के रूप में नहीं आती है। निश्चित रूप से बल्लेबाज ये गलतियां सुधारने का प्रयास कर रहे हैं।”

विराट कोहली के लिए नहीं है रिकॉर्ड की अहमियत
“वो(कोहली) एक बहुमुखी खिलाड़ी हैं। कभी-कभी गुणवत्ता वाले खिलाड़ी अपने खेल का आकलन करते रहते हैं जहां वो प्रोग्रेस करना चाहते हैं। कुछ स्थितियों के लिए आवश्यक जागरूकता होनी चाहिए, क्योंकि ये वास्तव में अच्छा करता है। फिर ऐसा अनुशासन। जब वो इस स्टाइल से बल्लेबाजी करते हैं तो टीम उस दौरान अच्छी स्थिति में नहीं रहती है।
एक अलग-अलग मील का पत्थर पार करना उनका मतलब नहीं होता है इससे भी ज्यादा अच्छा उनके लिए ये है कि अगर दिन अच्छा जाए। ये उनके और टीम के लिए अच्छा दिन था। इसी कारण से उन्होंने 149 रन बनाए और टीम को बहुत पास ले आए।”

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The post IND VS ENG- भारतीय बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ बर्मिंघम टेस्ट में वापसी के बाद भी नहीं हैं खुश, ये है वजह appeared first on SportzWiki Hindi.