भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजों को अक्सर ही इंग्लैंड की स्विंग लेती पिच पर संघर्ष करते देखा गया है। इंग्लिश की तेज, उछाल और स्विंग लेती पिच पर भारतीय बल्लेबाजों को बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कुछ उसी तरह से एक बार फिर से भारत के बल्लेबाजों के लिए स्विंग गेंदबाजी गले की फांस बन बैठी और बर्मिंघम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में हार का सामना करना पड़ा।

इंग्लैंड की स्विंग लेती पिच का नहीं बना सकते बहाना
ये तो हर कोई जानता है कि इंग्लैंड की स्विंग लेती पिच पर भारतीय टीम के बल्लेबाजों की डगर कभी आसान नहीं रही है। लेकिन भारतीय टीम इस तरह की स्विंग पिचों की बहाना नहीं बना सकती। ये हम नहीं बल्कि भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का मानना है।

नाकामी के लिए आपको हर बार नहीं किया जा सकता माफ
भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान रहे सौरव गांगुली ने इंडिया टीवी से खास बातचीत के दौरान कहा कि
“आपको हर समय माफ नहीं किया जा सकता है और हम 2011 और 2014 में पहले हार गए हैं। आपको अच्छी बल्लेबाजी करनी होगी। ये एक प्रसिद्ध तथ्य है कि इंग्लैंड में गेंद स्विंग करेगी जैसे ऑस्ट्रेलिया अपने तेज गेंदबाजों के लिए जाना जाता है, इसलिए अगर आपने पहले यहां स्कोर किए हैं तो अब इसका कोई कारण नहीं है।”

कप्तान को देना होगा अपने दूसरे खिलाड़ियों को आत्मविश्वास
दूसरा टेस्ट मैच लॉर्ड्स में 9 अगस्त को खेला जाएगा। इसमें लॉर्ड्स की संभावनाओं को लेकर गांगुली ने कहा कि “कप्तान को अपने खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देना चाहिए। ये एक टीम है और केवल वो ही अपने खिलाड़ियों की मानसिकता बदल सकते हैं।
उनको( विराट कोहली) अपने खिलाड़ियों के साथ बैठना होगा और उनसे बात करनी होगी। बताना होगा कि अगर वो खेल सकते हैं तो आप सब भी खेल सकते हैं। उन्हें समय देना चाहिए और कहना चाहिए कि बिना किसी डर के खेले। लेकिन परिस्थितियों को देखकर तो लग रहा है कि प्लेइंग इलेवन को बदल कर खिलाड़ियों में डर आ सकता है। पहले भी टीम मैनेजमेंट ने इस तरह से किया है।”

सभी फॉर्मेट में लगातार खेलने का होता है फर्क
गांगुली ने कहा कि पहले की टीमों में सबसे अच्छी बात ये रही कि चाहे ऑस्ट्रेलिया हो दक्षिण अफ्रीका हो या फिर हमारी अपनी परिस्थिति हो वो ही यहां पर 2007 में टेस्ट सीरीज जीती है। वो वहां पर ऐसे खिलाड़ियों को खिलाते थे जो दोनों फॉर्मेट में खेलते थे सचिन, राहुल, वीरू और इसमें मैं भी था। क्योंकि आपको एक या दो मैचों मे खराब खेलने के बाद भी इंटरनेशनल मैचों में समय मिलता है।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 150 रन इंटरनेशनल मैच के नुकसान की भरपायी नहीं कर सकता है। इस टीम में कोई भी बल्लेबाज विराट कोहली के अलावा सभी फॉर्मेट में अच्छा खेलता है। इंटरनेशनल के रन इंटरनेशनल के ही होते हैं। और वो ही आपको आत्मविश्वास दे सकते हैं।

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The post IND VS ENG- स्विंग पिच पर फेल हुए भारतीय बल्लेबाजो पर जमकर बरसे सौरव गांगुली, कहा बंद करो बहाना appeared first on SportzWiki Hindi.