लॉर्ड्स टेस्ट शुरू होने सी पहले उम्मीद थी कि भारतीय टीम यहां अपना परचम बुलंद करेगी, इस मैच में लय हासिल कर टीम इंडिया वापसी करेगी. लॉर्ड्स में यह उम्मीद इसलिए बढ़ गयी थी क्योंकि यहां मेजबान टीम का रिकॉर्ड एशियाई टीमों के सामने बेहतर नहीं रहा है. पिछले पांच मुकाबलों में से तीन में इंग्लिश टीम को शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं दो मैच ड्रा रहे हैं. इससे आप अंदाज लगा सकते हैं कि लॉर्ड्स किसके लिए बेहतर मानी जाए. अब लॉर्ड्स टेस्ट के तीन दिन निकल चुके हैं इसे देख ऐसा लग रहा कि विराट सेना मैच में पिछड़ती दिख रही है.

इंग्लैंड की टीम ने तीसरे दिन का खत्म होने तक 6 विकेट पर 357 रन बना लिए हैं. इस आधार पर उसकी कुल बढ़त 250 रनों की हो गई है. क्रिस वोक्स 120 और सैम करन 22 रन बना कर क्रीज पर मौजूद थे. वोक्स ने जॉनी बैरेस्टो (93) के साथ 189 रन की साझेदारी की, जिससे इंग्लैंड ने पहली पारी के आधार पर अब तब 250 रन की बढ़त ले ली है. अभी उसके चार विकेट शेष हैं.
लॉर्ड्स में उम्मीद थी कि एक भारतीय सितारा एक बार फिर चमकेगा. फिर भारत यहां रिकॉर्ड कायम करेगा. दरअसल, वह भारतीय खिलाड़ी और कोई नहीं बल्कि इशांत शर्मा थे. ईशांत शर्मा चर्चा में थे क्योंकि अब से चार साल पहले 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में ही ईशांत ने यादगार प्रदर्शन किया था. उनसे उम्मीद की जा रही है कि इस बार भी वे उस प्रदर्शन को दोहरा सकेंगे.

ईशांत की शानदार गेंदबाजी के दम पर ही टीम इंडिया ने 2014 के इंग्लैंड दौरे के दूसरे टेस्ट मैच में जीत हासिल की थी. कड़े मुकाबले में ईशांत ने दूसरी पारी में सात विकेट झटके थे. टीम इंडिया ने इस मैच में इंग्लैंड को 319 रनों का लक्ष्य दिया था. ईशांत ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 74 रन देकर 7 विकेट लिए. ईशांत की गेंदाबाजी की बदौलत इंग्लैंड टीम 223 रनों पर ही सिमट गई जिससे टीम इंडिया ने यह मैच 95 रन से जीत लिया. ईशांत के इस प्रदर्शन की बदौलत उन्हें लॉर्ड के मैदान पर मैन ऑफ द मैच का खिताब मिला.
मैदान न होने के कारण कुएं के पास अभ्यास करते थे इशांत
स्कूल बंक करके,एक कुएँ से लॉर्ड्ज़ के मैदान तक का सफ़र कुछ इस अन्दाज़ में @ImIshant ने किया तय|#KyaHogaIssBaar #ENGvIND #SPNSports pic.twitter.com/rCu6bFgWX5
— SPN- Sports (@SPNSportsIndia) August 10, 2018
ईशांत ने हाल ही में बताया कि कैसे दिल्ली में उन्होंने शुरुआत की थी. ईशांत ने बताया के उनके घर के पास कोई क्रिकेट मैदान नहीं था जहां वे स्कूल बंक करके खेलने जा पाएं. उनके घर के पास एक कुआं था जिसके पास वे दोस्तों के साथ गेंदबाजी का अभ्यास करते थे.
इस गेंदबाज को देख सीखी गेंदबाजी

ईशांत ने बताया कि जहीर खान ने उनकी काफी मदद की. ईशांत ने कहा,
“जैक पाजी (जहीर खान) से सीखा कि कैसे इंडिया में बॉलिंग करनी चाहिए, कैसे बाहर बॉलिंग करनी चाहीए. मेरी क्या गेंदबाजी है. जब मैं उनके साथ खेलता था तब मैं एक रॉ फास्ट बॉलर था. जैसे में खेलता गया तो मुझे धीरे-धीरे अपनी लेंथ के बारे में पता चला, मेरे को अपनी बॉलिंग के बारे में पता चला”
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