इंटरनेट डेस्क। भारतीय टीम के सिक्सर किंग युवराज सिंह ने भारतीय टीम को कई अहम मुकाबलों में विजेता बनाने में अहम योगदान निभाया है। युवराज सिंह ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी, अपनी गेंदबाजी और अपनी फील्डिंग से क्रिकेट के मैदान में कई रोमांचक प्रदर्शन किए है। भारतीय टीम के इस बाएं हाथ के दिग्गज खिलाड़ी को आज ही के दिन सिक्सर किंग का नाम मिला था। युवराज सिंह ने 19 सितंबर 2007 में टी20 के विश्वकप में लगातार छह गेंदों पर छह छक्के लगाने का कारनामा किया था।
दक्षिण अफ्रीका में खेले गए ICC T20 के पहले विश्वकप में भारतीय टीम चैंपियन बनने में सफल हुई थी और ये सच हुआ भारतीय टीम के बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज युवराज सिंह की बदौलत। फाइनल मुकाबले से पहले भारत और इंग्लैंड का मैच आज ही दिन खेला गया था। इस मैच में कई रोमांच देखने को मिले। इस मैच के 16.3 ओवर में भारत का ये आक्रामक बल्लेबाज बल्लेबाजी करने मैदान में उतरा। उस वक्त भारत का स्कोर तीन विकेट पर 155 रन था। लेकिन मैच उस वक्त रोमांच बढ़ गया जब इंग्लैंड के खिलाड़ी फ्लिंटॉफ ने युवराज सिंह को उकसाया और मैदान में ही लड़ते नजर आए। इस छीटाकशी का शिकार होना पड़ा इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड को। युवराज सिंह ने सारा गुस्सा ब्रॉड पर उतारा और ब्रॉड के एक ओवर में छह गेंदों पर लगातार छह छक्के लगाने में कामयाब रहे। तभी से युवराज सिंह को सिक्सर किंग के नाम से जाना जाता है।
भारत के इस आक्रामक बल्लेबाज ने इस टी20 के विश्वकप में सबसे तेज फिफ्टी लगाने में कामयाबी हासिल की। युवी ने इस मैच में मात्र 12 गेंदों में सबसे तेज अर्धशतक लगाया। युवी का ये रिकॉर्ड आज भी कायम है। युवराज सिंह ने इस मैच में 16 गेंदों में 58 रन बनाए। युवी ने इस दौरान अपनी आतिशी पारी में 7 छक्के और 3 चौके जड़े।