खेल डेस्क। सलामी बल्लेबाज केएल राहुल और विकेटकीपर ऋषभ पंत ने छठे विकेट के लिए 204 रनों की साझेदारी कर भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट शृंखला के अन्तिम मैच में हार से तो नहीं बचा सके, लेकिन इस जोड़ी ने अपने नाम एक नया रिकॉर्ड जरूर दर्ज करवा लिया है।
ऋषभ पंत ने पांचवें टेस्ट मैच में हासिल की ये बड़ी उपलब्धि, इस मामलें में पछाड़ा धोनी को
लोकेश राहुल और ऋषभ पंत ने भारत की तरफ से चौथी पारी में छठे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का कीर्तिमान अपने नाम दर्ज किया है। इससे पहले ये रिकॉर्ड मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और विकेटकीपर नयन मोंगिया के नाम पर दर्ज था।
सचिन और मोगिया ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ चेन्नई में खेले गए टेस्ट मैच में 136 रन की साझेदारी की थी। राहुल और पंत ने भारत की ओर से इस मैदान पर छठे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
5thTest, Ind v Eng: राहुल और पंत से भारत को चमत्कार की उम्मीद, ऋषभ ने लगाया पहला टेस्ट शतक
इससे पहले ये रिकॉर्ड पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव और विकेटकीपर बल्लेबाज सैयद किरमानी के नाम था। जिन्होंने इसी मैदान पर 1982 में मेजबान टीम के खिलाफ 130 रन की साझेदारी की थी।
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह केवल चौथा मौका है जब दो बल्लेबाजों ने चौथी पारी में शतक जड़े हैं। इस पारी में लोकेश राहुल ने 149 और पंत ने 114 रन की शतकीय पारियों खेली हैं।
विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर इन बल्लेबाजों ने कप्तान के डेब्यू मैच में बनाए सबसे ज्यादा रन
पंत ने छक्का लगाकर अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया है। वह ऐसा करने वाले पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव, इरफान पठान और हरभजन सिंह के बाद चौथे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। पंत इसके साथ ही चौथी पारी में सबसे बड़ा निजी स्कोर बनाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज भी बन गए हैं। इससे पहले महेन्द्र सिंह धोनी ने 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ ही सबसे ज्यादा 92 रन बनाए थे।