एशिया कप खेलने के लिए भारतीय टीम 13 सितंबर को यूएई रवाना हो गयी थी. वहीं टीम के कुछ खिलाड़ी और कोच रवि शात्री रविवार(16 सितंबर) को यूएई पहुंचे. वहीं इस दौरान कोच रवि शास्त्री की गैरमौजूदगी में महेंद्र सिंह धोनी प्रैक्टिस के दौरान कोच की भूमिका में नज़र आए.
धोनी बने कोच
खिलाड़ियों के प्रैक्टिस के दौरान धोनी उस जगह पर खड़े नज़र आए जहां कोच रवि शास्त्री खड़े होकर खिलाड़ियों पर नज़र रखते हैं. अब जब कोच वहां मौजूद नहीं थे तो टीम के सबसे सीनियर खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी ने खिलाड़ियों पर नज़र बनाए रखने के साथ उन्हें टिप्स भी दिए.
ये धोनी के भविष्य की भूमिका के एक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है. धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं. मैदान पर उनकी योजना किसी के लिए भी समझना हमेशा से मुश्किल भरा रहा है. पर अच्छी बात ये रही कि उससे देश की टीम को फायदा हुआ है.

धोनी युवा खिलाड़ियों को आगे बढाने में विश्वास रखते हैं. वह प्रतिभा को पहचानने में भी काफी माहिर हैं. धोनी की कप्तानी में हमने देखा है कि वह परिस्थितियों के हिसाब से खिलाड़ियों का इस्तेमाल करते.
इसी वर्ष आईपीएल सीजन में दीपक चाहर की गेंदबाजी का जिस तरह से धोनी ने इस्तेमाल किया वह काफी प्रभावी रहा. अगर भविष्य में धोनी टीम इंडिया के साथ एक कोच के तौर पर जुड़ते हैं तो ये टीम के लिए निश्चित तौर पर लाभकारी ही साबित होगा.
विश्वकप 2019 के बाद धोनी के संन्यास लेने की संभावना है. यह विश्वकप इंग्लैंड और वेल्स में खेला जाएगा. अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को विश्वकप दिलाने वाले धोनी का एक खिलाड़ी के तौर पर ये आखिरी विश्वकप हो सकता है. धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने लगभग सभी आईसीसी टूर्नामेंट जीते हैं.
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