नई दिल्ली
एशिया कप-2018 में सुपर-4 का मुकाबला भारत और अफगानिस्तान के बीच रहा टाई रहा। भारत के लिए बेहद आसान माने जाने वाले इस मैच में अफगानिस्तान ने न सिर्फ जोरदार टक्कर दी, बल्कि मैच टाई करा दिया। इसमें कोई शक नहीं यह टाई भी उसके लिए जीत से कम नहीं है। हालांकि, इस मैच के ऐसे रिजल्ट के लिए काफी हद तक खराब अंपायरिंग भी जिम्मेदार रही। कहा जा सकता है कि मैच में कप्तानी कर रहे धोनी के खिलाफ गया फैसला भारत पर भारी पड़ा। लेकिन, अफगानिस्तान और आखिरी ओवर करने वाले राशिद खान से उनके जूझारू प्रदर्शन का श्रेय नहीं छीना जा सकता है। भारत को आखिरी ओवर में जीत के लिए 7 रन चाहिए थे, लेकिन राशिद ने भारतीय बल्लेबाजों को सफल नहीं होने दिया।
उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान के 253 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 50वें ओवर की पांचवीं गेंद पर रविंद्र जडेजा (25) के रूप में अपना अंतिम विकेट गंवाया और पूरी टीम 252 रन पर आउट हो गई। पहले ही फाइनल में जगह बना चुके भारत की ओर से सलामी बल्लेबाजों लोकेश राहुल (60) और अंबाती रायुडू (57) ने पहले विकेट के लिए 110 रन की साझेदारी की, जबकि दिनेश कार्तिक ने 44 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
10 ओवर में चाहिए थे 46 रन
भारत को अंतिम 10 ओवर में जीत के लिए 46 रन की दरकार थी। रविंद्र जडेजा और दीपक चाहर ने 21 रन की साझेदारी की, लेकिन आफताब ने चाहर को बोल्ड कर दिया। भारत को अंतिम तीन ओवर में जीत के लिए 17 रन की जरूरत थी। राशिद के 48वें ओवर में 5 रन बने, लेकिन आफताब के अगले ओवर में कुलदीप यादव (9) और सिद्धार्थ कौल (0) रन आउट हो गए जबकि इस ओवर में सिर्फ छह रन बने।
आखिरी ओवर का रोमांच
अंतिम ओवर में भारत को जीत के लिए 7 रन चाहिए थे, जबकि अफगानिस्तान को सिर्फ एक विकेट। गेंद राशिद के हाथ में थी। स्ट्राइक पर जडेजा थे। ओवर की पहली गेंद पर कोई रन नहीं बना। राशिद की दूसरी गेंद पर जडेजा ने डीप मिडविकेट पर जोरदार हिट लगाकर चौका लगा दिया। इसके साथ ही भारत की उम्मीदें जिंदा रहीं। अगली गेंद पर जडेजा ने एक रन लिया। खलील अहमद ने भी अगली गेंद पर एक रन लिया, जिससे भारत को जीत के लिए अंतिम दो गेंद पर एक रन बनाना था। स्ट्राइक पर जडेजा थे। लग रहा था भारत जीत जाएगा, तभी 5वीं गेंद को जडेजा हवा में खेल बैठे और जादरान के हथों कैच कर लिए गए। मैच टाई हो गया।