Halo !!! Saya Kang Ismet, ini adalah blog tentang AMP HTML dan cara penerapannya

टीम इंडिया के प्रदर्शन पर भड़के सुनील गावसकर, कहा- 86 सालों में कुछ भी नहीं बदला

 नई दिल्ली 
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावसकर ने एक बार फिर भारतीय टीम पर निशाना साधा है। उन्होंने केनिंग्टन टेस्ट की पहली पारी में शानदार प्रदर्शन के लिए इंग्लैंड के पुछल्ले बल्लेबाजों की जमकर तारीफ करते हुए भारतीय टीम को आड़े हाथों लिया। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' में लिखे अपने लेख में उन्होंने मौजूदा दौरे और पहली बार 1932 में इंग्लैंड दौरे गई टीम की तुलना की है। उन्होंने जोस बटलर की तारीफ की और बताया कि किस तरह दिग्गज बल्लेबाज ने लोअर ऑर्डर के साथ मिलकर न केवल इंग्लिश पारी को संभाला, बल्कि भारत को बैकफुट पर भी ला दिया है। 
 

फैंस के बीच लिटिल मास्टर के नाम से जाने जाने वाले गावसकर ने लिखा, '1932 में जब भारतीय टीम पहली बार इंग्लैंड गई थी तो हमारे पास मोहम्मद निसार और अमर सिंह दो शानदार गेंदबाज थे। दोनों ने पहले मैच में शानदार बोलिंग की और इंग्लैंड के 5 टॉप विकेट जल्दी गिरा दिए। वह भी बिना अधिक रन दिए। हालांकि, इसके बाद पुछल्ले बल्लेबाजों ने मिलकर इंग्लैंड को संभाल लिया।' बता दें कि भारतीय टीम का पहला ऑफिशल टूर 1932 में इंग्लैंड ही था। 

 
उन्होंने आगे कहा, '86 साल बाद यानी इस दौरे पर भी कुछ खास नहीं बदला है। इंग्लैंड का लोअर ऑर्डर अब भी शानदार है और भारतीय गेंदबाजों ने एक बार फिर 1932 की तरह ही इंग्लैंड को 5वें टेस्ट में मौके दिए। स्टुअर्ट ब्रॉड और आदिल रशीद ने बटलर का बखूबी साथ दिया।' फिलहाल इस सीरीज में कॉमेंट्री कर रहे इस पूर्व क्रिकेटर ने लिखा, 'यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ। इशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने पहले 6 विकेट ले लिए थे, लेकिन उसके बाद भारतीय टीम संघर्ष करते नजर आई।' 

 
बता दें कि इंग्लैंड के 8 विकेट 214 रनों पर गिर गए थे। इसके बाद स्टुअर्ट ब्रॉड (38) ने बटलर का शानदार साथ दिया और 98 रन जोड़े। इसी वजह से इंग्लैंड 181 रनों पर 7 विकेट गंवाने के बाद 332 रनों तक पहुंच सका। जवाब में भारतीय टीम पहली पारी में दूसरे दिन 51 ओवर में 6 विकेट पर 174 रन बनाकर संघर्ष कर रही है।