भारतीय क्रिकेट में ये कहा जाता है कि भारत के महान विकेटकीपर महेन्द्र सिंह धोनी के काल में कई विकेटकीपर का करियर खत्म हो गया। महेन्द्र सिंह धोनी ने साल 2004 में अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की जिसके बाद भारत को कई विकेटकीपर बल्लेबाज मिले, लेकिन उनकी प्रतिस्पर्धा सीधे तौर पर धोनी के साथ हुई और इसी प्रतिस्पर्धा में धोनी के सामने उनकी एक नहीं चली।

महेन्द्र सिंह धोनी से हुई कई विकेटकीपरों की प्रतिस्पर्धा
महेन्द्र सिंह धोनी जब अपने करियर के शबाब पर थे तभी बंगाल के युवा विकेटकीपर रिद्धीमान साहा घरेलु क्रिकेट के दमदार प्रदर्शन के दम पर नेशनल कॉल अप के लिए तैयार थे, लेकिन फिर उनके लिए भी बात वहीं अटक गई कि उनका मुकाबला महेन्द्र सिंह धोनी से हुआ क्योंकि उस दौर में धोनी को मात देना उतना आसान नहीं था।

रिद्धीमान साहा ने धोनी के साथ नेशनल कॉल की टक्कर को लेकर दी राय
लेकिन आखिरकार रिद्धीमान साहा ने महेन्द्र सिंह धोनी के संन्यास लेने के बाद रेगुलर विकेटकीपर के तौर पर टीम में अपनी जगह बना ली। रिद्धीमान साहा इन दिनों चोट के कारण टीम से बाहर हैं और वो इसी कारण से इंग्लैंड का दौरा नहीं कर सके। लेकिन पुर्नवास प्रक्रिया के दौर से गुजर रहे रिद्धीमान साहा ने क्रिकबज के साथ धोनी से प्रतिस्पर्धा को लेकर बात की।

उस दौर में हर कोई बनाना चाहता था नेशनल टीम में जगह
रिद्धीमान साहा ने कहा कि भारत के लिए कौन नहीं खेलना चाहता है? जब धोनी भारत के लिए खेल रहे थे और हम घरेलु क्रिकेट खेल रहे थे तो हमने उस दौरान अपने प्रदर्शन पर ध्यान केन्द्रित किया। क्योंकि दूसरी तरफ ध्यान देना उबाऊ हो सकता था। हम सभी समान रूप से कोशिश कर रहे थे। अपने राज्य या आईपीएल टीम या क्लब के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करते रहे और ध्यान आकर्षित करते रहे।

धोनी जैसे खिलाड़ी से मुकाबले के कारण दे रहा था अपने प्रदर्शन पर ध्यान
ऐसी स्थिति में यही महत्वपूर्ण है कि आप अपने प्रदर्शन पर ध्यान दें। खासकर तब जब आपका मुकाबला धोनी जैसे ऐसे खिलाड़ी से हो रहा था जो बहुत ही सफल और बिना रूके अचल था। टीम में चयन के लिए अपने आपको खोने की बजाय टीम से बाहर रहना महत्वपूर्ण है। मैं दूसरों के स्कोर पर नजर नहीं रखता था।

एक क्लब मैच में मैंने धोनी के साथ की थी पारी की शुरुआत
महेन्द्र सिंह धोनी सबसे पहले एक क्लब टूर्नामेंट में श्यामबाजार क्लब के लिए खेलते हुए आए। मैंने पिछले कुछ लीग मैचों में उस टीम के लिए पारी की शुरुआत की थी। एमएस ने जब हमसे जुड़े और उन्होंने मेरे साथ ओपनिंग की। नहीं…. मैंने उनके साथ ओपनिंग की। मुझे याद है कि धोनी ने एक मैच में 200 और एक मैच में 100 का स्कोर बनाया। उन्होंने इन दोनों मैचों में गेंदबाजी भी की।
साहा ने आगे कहा कि “मैं कीपिंग करता था लेकिन मुझे याद नहीं है वो मुश्किल साल(2005) । इसके बाद तो धोनी ने खुद ही अपने आपको इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए तैयार कर दिया। उन्होंने तब पहले से ही 183 रनों का स्कोर बना दिया था।”

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The post एक और विकेटकीपर बल्लेबाज ने धोनी पर लगाया आरोप, उनकी वजह से नहीं मिल सका टीम इंडिया में मौका appeared first on SportzWiki Hindi.