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भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के अनजाने फैक्ट्स, जो शायद आपको नहीं होंगे पता

भारतीय स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन 17 सितंबर को 32 साल के हो रहे हैं। तमिलनाडु के चेन्नई में जन्मे अश्विन इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑफ स्पिनरों में शामिल हैं। इसके साथ ही बल्ले से भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है।

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के अंतिम मैच में चोट की वजह से बाहर होने वाले अश्विन का टेस्ट रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है। अपने करियर के खेले 62 टेस्ट मैचों में उनके नाम 327 विकेट दर्ज हैं।

2010 में किया था अंतरराष्ट्रीय डेब्यू

रविचंद्रन अश्विन ने साल 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। यह वनडे मैच था। उस समय हरभजन सिंह टीम की पहली पसंद थे और इसी वजह से जिम्बाब्वे जैसे छोटे देश के दौरे पर उन्हें डेब्यू का मौका मिला था।

अश्विन ने अपना पहला टेस्ट नवम्बर 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली के फ़िरोज़ शाह कोटला के मैदान पर खेला था। इसी सीरीज के मुंबई में खेले और अंतिम तीसरे मैच में उन्होंने 103 रनों की शानदार पारी खेली थी।

आईपीएल में भी रहा है शानदार प्रदर्शन

तमिलनाडु के स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को उनके राज्य की फ्रेंचाईजी चेन्नई सुपर किंग्स ने अपनी टीम में शामिल किया। 2009 में दक्षिण अफ्रीका में हुए दूसरे आईपीएल में उन्हें मुंबई इंडियन के खिलाफ डेब्यू करने का मौका मिला। काफी कम समय में वह कप्तान धोनी की पहली पसंद बन गए। धोनी ने उनसे कई मौकों पर गेंदबाजी की शुरुआत करवाई और वह सफल भी रहे।

आईपीएल 2016 में चेन्नई सुपर किंग्स के सस्पेंड होने ही वह से उन्हें राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स ने अपनी टीम में शामिल कर लिया। दो साल बाद यह टीम आईपीएल से बाहर हो गई और आईपीएल 2018 में उन्हें प्रीति जिंटा की टीम किंग्स XI पंजाब ने 7.60 करोड़ रूपये देकर खरीदा। अश्विन को इस टीम की कप्तानी भी मिली। शुरूआती मैचों में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन उसे अंत तक जारी नहीं रख पाई।

वनडे क्रिकेट में गिरने लगा फॉर्म

2011 विश्वकप के बाद से भारतीय टीम के लिए तीनों की फॉर्मेट खेलने वाले रविचंद्रन अश्विन ने टीम को कई यादगार जीत दिलाई। 2013 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में उनकी शानदार गेंदबाजी की वजह से भारतीय टीम ने इंग्लैंड को लगातार विजेता बनी थी। हालाँकि, 2016 के बाद उनके प्रदर्शन में काफी गिरावट आई। टेस्ट में तो उनका फॉर्म जारी रहा लेकिन वनडे और टी-20 में उन्हें विकेट नहीं मिल पा रहा था।

चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में उनका प्रदर्शन काफी खराब रहा। वह बीच के ओवरों में विकेट चटकाने में असफल हो रहे थे। उसके बाद टीम ने उन्हें आराम देकर युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव को आजमाया। दोनों ही गेंदबाजों ने लगातार सामने वाली टीम को परेशानी किया और जल्द ही सीमित ओवरों की टीम में अपना स्थान पक्का पर लिया।

इसके बाद रविचंद्रन अश्विन को दोबारा टीम में नहीं चुना गया। उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच जून 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था वहीं अपना अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी उसी दौरे पर खेला था।

टेस्ट मैचों में प्रदर्शन

ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के नाम सबसे कम टेस्ट मैचों में 300 विकेट लेने का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने यह कारनामा सिर्फ 54 मैचों में कर दिया था। टेस्ट में उन्होंने 26 बार पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं वहीं मैच में 7 बार 10 या उससे ज्यादा बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा है।

बल्ले से भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। टेस्ट मैचों में उन्होंने 4 शतक और 11 अर्धशतक की मदद से 2,289 रन बनाये हैं। उनका सबसे बड़ा स्कोर 124 वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में आया था।

एशिया के बाहर टेस्ट में निरंतरता की कमी

घरेलू पिचों पर जहाँ स्पिनरों के लिए मदद होती है, अश्विन ने काफी विकेट चटकाए हैं लेकिन घर से बाहर वह इस प्रदर्शन को दोहराने में असफल रहे हैं। वेस्टइंडीज को छोड़ दें तो एशिया के नाम उन्होंने एक बार भी पारी में 5 विकेट नहीं ले पाए हैं। यही वजह है कि उनके कई बार टेस्ट मैचों में बाहर भी बैठना पड़ा। हालाँकि, इस बार इंग्लैंड दौरे पर उनके प्रदर्शन में सुधार हुआ है।

आईये अब हम आपको रविचंद्रन अश्विन के बारे में कुछ ऐसी बातें बताते हैं जो आपको शायद पता ही ना हो

– रविचंद्रन अश्विन का जन्म 17 सितम्बर 1986 को तमिलनाडु के मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था।

– अश्विन ने जूनियर लेवल पर सलामी बल्लेबाज के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी लेकिन जल्द ही वह नीचे बल्लेबाजी करने लगे और अपना पूरा ध्यान ऑफ स्पिन गेंदबाजी पर लगा दी।

– रविचंद्रन अश्विन पढाई में काफी बेहतरीन हैं, उन्होंने एस एस एन कॉलेज से बीटेक किया है।

– यह बात शायद किसी को नहीं पता हो कि भारत की अंडर-17 टीम में अश्विन सलामी बल्लेबाज के रूप में शामिल किये गये थे, लेकिन खराब फॉर्म की वजह से उनकी जगह रोहित शर्मा को मौका मिल गया था।

– उन्होंने साल 2006 में तमिलनाडु के लिए प्रथम श्रेणी डेब्यू में किया था। उसके अगले साल ही उन्हें टीम की कप्तानी भी मिल गई थी।

– अपने पहले टेस्ट मैच में उन्होंने 128 रन देकर 9 विकेट चटकाए थे। यह भारत के लिए डेब्यू मैच की किसी ही स्पिनर का दूसरा सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। नरेन्द्र हिरवानी ने 1988 में 136 रन देकर 16 विकेट लिए थे।

– रविचंद्रन अश्विन सबसे कम टेस्ट मैचों में 250 और 300 विकेट चटकाने वाले गेंदबाज भी हैं। उन्होंने 45 मैचों में 250 और 54 टेस्ट में 300 विकेट चटकाए हैं। इसके साथ ही सबसे कम टेस्ट मैचों में 50, 100, 150, 200 विकेट लेने का भारतीय रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम दर्ज हैं।

– इतने विकेट चटकाने के बाद भी उन्हें ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में अभी तक पारी में 5 विकेट लेने का इंतजार है। इस देशों के 6 दौरे में उनके नाम सिर्फ 42 विकेट दर्ज हैं।

– रविचंद्रन अश्विन एक ही मैच में दो बार शतक और 5 विकेट लेने वाले भारत के एकमात्र खिलाड़ी हैं।

– वह डेब्यू टेस्ट मैच में ही ‘मैन ऑफ द मैच’ वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी बने थे। उनसे पहले प्रवीण आमरे और आरपी सिंह ऐसा कर चुके हैं। अश्विन के बाद शिखर धवन और रोहित शर्मा को भी डेब्यू मैच में मैन ऑफ़ द मैच मिल चुका है।

– टेस्ट मैचों में भारत के लिए सबसे ज्यादा मैन ऑफ़ द सीरीज अवार्ड भी अश्विन को भी मिले हैं। अभी तक खेले 17 सीरीज में वह 7 बार मैन ऑफ द सीरीज रहे हैं।

– रविचंद्रन अश्विन ने अपने टेस्ट डेब्यू के कुछ दिनों बाद ही अपने बचपन की दोस्त प्रिथी नारायणन से नवंबर 2011 में शादी कर ली थी। उनकी दो बेटियाँ भी है। एक का नाम अखिरा और दूसरी का नाम अद्या है।

– साल 2014 में उन्होंने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

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