स्पोर्ट्स डेस्क। 14 सितंबर को पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन सिंह का जन्मदिन था। इस दिन उन्होंने अपने जीवन के 45 वे वर्ष में प्रवेश किया। रॉबिन सिंह ने भारत की नेशनल टीम के लिए 1 टेस्ट और 136 वनडे मैच खेले हैं। इसके अलावा वे भारतीय टीम के क्षेत्ररक्षण कोच रह चुके हैं। कैरेबियाई द्वीप त्रिनिदाद में जन्में रॉबिन सिंह महज 19 साल की उम्र में भारत में आकर बस गए। इसके बाद उन्होंने मद्रास यूनिवर्सिटी से अपनी पढाई पूरी की।
रॉबिन सिंह भारत के उन महान क्रिकेट खिलाडियों में से हैं, जिनका जन्म कैरेबियाई द्वीप में हुआ लेकिन उन्होंने भारत के लिए क्रिकेट खेला। मद्रास यूनिवर्सिटी से पढाई करते वक्त रॉबिन सिंह ने क्लब क्रिकेट खेलना भी शुरू कर दिया था। जिसके बाद जल्दी ही उनका चयन तमिलनाडू की रणजी टीम में हो गया। साल 1988 में तमिलनाडू की टीम रणजी विजेता बनी, जिसमें रॉबिन सिंह ने अहम भूमिका निभाई।
साल 1989 में रॉबिन सिंह को भारतीय नेशनल क्रिकेट टीम में खेलने का मौका मिला। उन्होंने अपना डेब्यू मैच अपने जन्मस्थल की टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ किया। भारत के लिए 136 वनडे मैच खेलने वाले रॉबिन सिंह ने 2,336 रन बनाये। इस दौरान उन्होंने गेंबाजी में भी कमाल दिखाते हुए 69 विकेट भी अपने नाम किये। इसके बाब्जूफ उन्हें भारत की तरफ से सिर्फ एक ही टेस्ट मैच खेलने का मौका मिल सका।
रॉबिन सिंह ने भारत के लिए एकमात्र टेस्ट मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ 1998 में खेला। इस मैच में उन्होंने 27 रन बनाये। लेकिन गेंदबाजी में वो कुछ ख़ास नहीं कर सके और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। साल 2004 में इस क्रिकेटर ने अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। संन्यास के बाद उन्होंने हांगकांग टीम की कोचिंग की। उन्होंने अपनी कोचिंग में ही हांगकांग टीम को एशिया कप में पहुंचाने में मदद की।
हांगकांग टीम को मजबूती देने के बाद उन्हें भारत ए टीम का कोच बनने का अवसर प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्हें साल 2007 में भारत की नेशनल टीम का फील्डिंग कोच भी नियुक्त किया गया। आईपीएल के शुरू होने के बाद वह पहले सत्र में डेक्कन चार्जर्स के मुख्य कोच थे। साल 2009 में मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजी कोच और फिर कैरेबियाई प्रीमियर लीग में 2013 से बारबाडोस ट्राइडेंट्स के भी मुख्य कोच हैं।
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