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टीम सिलेक्शन में खामियां और विराट पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता टीम इंडिया को ले डूबी

 लंदन 
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत की 1-4 की हार ने टीम इंडिया की कई खामियां उधेड़कर रख दीं। टीम के ओपनर पूरी सीरीज में फ्लॉप रहे। मध्यक्रम में कप्तान विराट कोहली को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज ज्यादा रन नहीं बना सका। पांचवें और अंतिम टेस्ट की दूसरी पारी में लोकेश राहुल और युवा विकेटकीपर ऋषभ पंत ने शतक जरूर जड़ा लेकिन तबतक देर हो चुकी थी।  
 
कैप्टन कोहली पर अत्यधिक निर्भरता 
टीम इंडिया का कैप्टन कोहली पर अत्यधिक निर्भर रहना और ओपनर तथा मध्यक्रम की असफलता ने विदेश में टीम इंडिया की फिर पोल खोल दी। टीम चयन में गलती ने भी भारतीय टीम के मौकों को कम कर दिया। टीम इंडिया जब इंग्लैंड के दौरे पर गई थी तब उसे सीरीज जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन टी20 को छोड़ दे तो उसे वनडे और टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा। 

टॉप बल्लेबाजी क्रम फ्लॉप 
इंग्लिश गेंदबाजों के सामने 5वें टेस्ट यानी लंदन से पहले नॉटिंगम में भी भारतीय टॉप बल्लेबाजी क्रम फ्लॉप रहा था। पंत और राहुल के एक दिन का प्रदर्शन इन सब बातों को झुठला नहीं सकता है। ओपनर शिखर धवन बूरी तरह फ्लॉप साबित रहे हैं। 4 टेस्ट में उन्हें मौका मिला और वह एक भी हाफ सेंचुरी नहीं लगा सके। 8 पारियों में उन्होंने कुल 20.25 की औसत से 162 रन बनाए। उनका उच्चतम स्कोर 44 रन रहा। 

 
ओपनर शिखर धवन असफल 
शिखर के प्रदर्शन को देखते हुए सवाल यह उठता है कि वेस्ट इंडीज के खिलाफ होने वाली आगामी घरेलू सीरीज में उन्हें यदि मौका मिलता है और वह रन बनाते हैं तो क्या लंबे समय से चली आ रही ओपनिंग की दिक्कत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खत्म हो जाएगी? 

टीम चयन में भी गड़बड़ी 
भारतीय क्रिकेट के लिए दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा कोचिंग स्टाफ की भूमिका का है। कोचिंग स्टाफ रवि शास्त्री, संजय बांगड़, भारत अरुण और आर. श्रीधर से टीम चयन में तीन बार गड़बड़ी हुई। टीम का चयन सही नहीं होने का खामियाजा भारत को सीरीज हार के रूप में देखनी पड़ी। 

टेस्ट दर टेस्ट गलती 
पहले टेस्ट की बात करें तो बर्मिंघम में चेतेश्वर पुजारा और एक अतिरिक्त स्पिनर की कमी खली थी। यहां आर. अश्विन ने दोनों पारियों में कुल 7 विकेट झटके थे। रविंद्र जडेजा का इस्तेमाल किया जा सकता था। कुछ ऐसा ही साउथम्प्टन में भी देखने को मिला। दूसरी ओर, अश्विन चोट से वापसी कर रहे थे, जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानी भी हुई। 

 
रविंद्र जडेजा को देर से मिला मौका 
रविंद्र जडेजा के बारे में इंग्लैंड के असिस्टेंट कोच पॉल फैब्रेस ने कहा, 'मेरे ख्याल से वह तीनों विभागों (बैटिंग, बोलिंग, फील्डिंग) में एक असाधारण क्रिकेटर हैं। हम खुश हैं कि हमारा और उनका सामना सिर्फ एक ही टेस्ट में हुआ।' इस बारे में टाइम्स ऑफ इंडिया से भारतीय क्रिकेटर और सीरीज में कॉमेंट्री कर रहे दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा, 'निर्णय लेने वाले भूल गए कि दो गलती मिलकर किसी एक चीज को ठीक नहीं बनाती है।'