इंटरनेट डेस्क। दक्षिण अफ्रीका के शानदार क्रिकेटर हाशिम अमला की बढ़ी हुई दाढ़ी, कभी-कभी सिर में बाल साफ होने के कारण उन्हें क्रिकेटर से अधिक धार्मिक माना जाता है। उनकी धार्मिकता की सबसे बड़ी तारीफ यह है कि क्रिकेट कैरियर में आज तक एक बार भी उनके खिलाफ रिव्यू नहीं लिया गया है। इसके अलावा उन्हें धार्मिकता अधिक पसंद है। इसकी वजह यह है कि उनका पूरा परिवार ही धार्मिक है और बचपन से ही वह धार्मिक वातावरण में पले-बढ़े हैं तो उन्हें वही पसंद आता है।
एक बार की बात है कि टीम के प्रचार में जर्सी में एक शराब की कंपनी का लोगो बना हुआ था। टीम के सभी खिलाड़ियों को यह जर्सी दी गई तो सभी ने पहन ली लेकिन जब अमला की बारी आई तो उन्होंने जब देखा कि जर्सी में शराब की कंपनी का लोगो है तो वह सीधे मैनेजर के पास पहुंचे और बड़ी विनम्रता से कहा कि यदि हो सके तो मेरी जर्सी से शराब का यह लोगो हटवा दिया जाए तो बेहतर होगा। उन्होंने कहा पहली बात तो हमारी धार्मिक विचारधारा है। दूसरा यह है कि हम शराब को हर सूरत में खराब मानते हैं।
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यही नहीं एक बार इंदौर में आईपीएल के मैच के दौरान अमला ने शतक जड़ा और शतक जड़ने के बाद जब वह पवेलियन गए तो उस समय नमाज का वक्त आ गया तो टीम मैनेजर से कहा कि मुझे कहीं थोड़ी सी जगह एकांत वाली दिलादें ताकि नमाज पढ़ सके|इसके बाद उनके लिए जगह की व्यवस्था की गई। इस बीच अवार्ड सेरेमनी में जब हाशिम अमला को बुलाया गया तो उनकी टीम के कप्तान ने उनकी ओर से यह अवार्ड लिया। जब कप्तान से पूछा गया कि अमला कहां है तो उन्होंने बताया कि प्रेयर का वक्त हो गया था और वह प्रेयर कर रहें हैं।
दरअसल हाशिम अमला के पुरखे गुजरात के थे और वह दक्षिण अफ्रीका में चले गये थे। दक्षिण अफ्रीका के डरबन में 1983 में हाशिम अमला का जन्म हुआ ।हाशिम अमला दक्षिण अफ्रीका के पहले क्रिकेटर हैं जिन्होंने तिहरा शतक बनाया है। काफी तेजी से रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
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