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जब फौजी के बेटे के क्रिकेट खेलने पर लगा बैन, हुई थी बहुत आलोचना

स्पोर्ट्स डेस्क। दाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज मनीष पांडे इस वक्त टीम से बाहर हैं। पिछले काफी समय से ख़राब प्रइर्शन कर रहे मनीष पांडे को इंग्लैंड दौरे पर भी भारतीय टीम में जगह नहीं दी गई थी। उन्होंने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण ज़िम्बाब्वे के विरुद्ध जुलाई 2015 में किया था। मनीष ने इसी दौरे पर 17 जुलाई 2015 को भारत के लिए ट्वेंटी -20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भी पदार्पण किया था।

हाल ही में मनीष ने इंडिया ए की तरफ से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया हैं। जिसके बाद उनकी भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद बढ़ गई हैं। आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स से खेलने वाले मनीष पांडे का जीवन बड़ा ही दिलचस्प रहा हैं। एक समय मनीष के क्रिकेट करियर में एक ऐसा भी वक्त आया जब उनके क्रिकेट खेलने पर ही बैन लगा दिया गया था। साल 2009 की बात हैं जब आईपीएल में मनीष पांडे रातो-रात स्टार बन गए थे।

जब मनीष आईपीएल स्टार बने तो वे भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे। उस वक्त उन्होंने आईपीएल में एक ऐसी हरकत की थी उन्हें कुछ मैचों के लिए प्रतिबंध कर दिया गया था। बता दे आईपीएल के चौथे संस्करण में ( साल 2011) पांडे पुणे वॉरियर्स के लिए खेल रहे थे। उस वक्त उन्होंने अपने एजेंट की मदद से अलग-अलग फ्रेंचाइजी से संपर्क साधने का प्रयास किया। यही कारण था जिसकी वजह से मनीष को 4 मैचों के लिए प्रतिबंध कर दिया गया था।

आपकी जानकारी के लिए बता दे मनीष पांडे के पिता आर्मी में हैं और उनका पूरा परिवार उतराखंड में रहता हैं। अपने पिता की जॉब की वजह से मनीष पांडे देश के कई बड़े शहरों में रह चुके हैं। बता दें कि जब मनीष पांडे सिर्फ 3 साल के थे तभी से उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था।



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