स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के लिए 103 टेस्ट और 236 वनडे मैच खेलने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह काफी समय तक भारतीय टीम का एक अहम हिस्सा रहे है। टीम में रहकर हरभजन से बॉल और कई बार बैट के साथ अपने शानदार प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाई है। उनके क्रिकेट करियर में लिए गए विकेट उनकी अहमियत को साबित करते है। हालाँकि हरभजन पिछले कुछ समय से नेशनल टीम से बाहर चल रहे है और केवल आईपीएल में खेलते नजर आते है।
हरभजन के क्रिकेट करियर का सबसे बुरा दौर वह समय था जब उन्हें लगातार चोट के कारण टीम के अंदर-बाहर होना पड़ा था। लेकिन हाल ही में हरभजन से अपनी उस चोट लगने का खुलासा किया जिसकी वजह से उन्हें 2003 में ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले लगी थी। उस दौरे से ठीक पहले न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ खेलते हुए हरभजन को ऊँगली में चोट लगी थी और इस वजह से उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर विश्राम दिया गया था।
अब एक इंटरव्यू में बात करते हुए हरभजन ने अपनी इस चोट की वजह अप्रत्यक्ष रूप से टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को बताया। हरभजन ने कहा कि 'चोट लगने के बावजूद सौरव गांगुली मुझे खिलाना चाहते है और इस वजह से मेरी यह चोट बढ़ गई। इसके बाद मुझे लगभग 8 महीने तक मैदान से दूर रहना पड़ा और इस दौरान मैंने पाकिस्तान के साथ ऐतिहासिक सीरीज खेलने का मौका गँवा दिया।"
हालाँकि हरभजन ने कई बार यह भी कहा कि वे जितने भी कप्तानों के साथ खेले है, उनमें सौरव गांगुली बेस्ट है। बता दें कि हरभजन सिंह ने अपने टेस्ट करियर में 417 और वनडे करियर में 269 विकेट लिए है और उनकी गिनती भारतीय टीम के सबसे सफल ऑफ स्पिनर्स में होती है।
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