खेल डेस्क। ये तो कई बार साबित हो गया है कि निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) के मामले में महेन्द्र सिंह धोनी का कोई सानी नहीं है। किसी मामले में धोनी ने डीआरएस ले लिया तो शत प्रतिशत संभावना तो उनके पक्ष में निर्णय जाने की रहती है। इस मामले में भारत का कोई भी खिलाड़ी उनकी बराबरी नहीं कर सकता है।
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एक मामले में एक गलती भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल से अफगानिस्तान के खिलाफ एशिया कप मैच में हो गई है। जिसका खामियाजा भारतीय टीम को एशिया कप के सुपर चार के मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ मैच टाई मैच खेलने के साथ भुगतना पड़ा है।केएल राहुल ने भारत का एकमात्र रिव्यू उपयोग कर दिया था जिसमें भारतीय सलामी बल्लेबाज को नाकामी मिली थी। राहुल राशिद खान की गेंद पर पगबाधा आउट हुए थे।
इसके बाद भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी और दिनेश कार्तिक को अंपायर के गलत निर्णय का शिकार होना पड़ा। अब भारत के पास रिव्यू होता तो वह इन दोनों बल्लेबाजों के विकेट बचा सकता था।
धोनी तथा दिनेश कार्तिक को मैदानी अंपायर ग्रेगोरी ब्रेथवेट और अनीसुर रहमान ने पगबाधा आउट घोषित किया जबकि टीवी रिप्ले में यह साफ था कि दोनों भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाजों के मामले में गेंद विकेट पर लगी ही नहीं। धोनी को जावेद अहमदी ने और कार्तिक को मोहम्मद नबी ने पगबाधा किया था।
कार्तिक को जब आउट दिया गया तक वह 44 रन पर बल्लेबाज कर रहे थे। ये दोनों बल्लेबाज टीम इंडिया को मैच जीतवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे।अफगानिस्तान ने पहले खेलते हुए 252 रन बनाए थे, जिसके जवाब में भारतीय टीम भी निर्धारित ओवरों में इतने ही बना सकी।