भारतीय क्रिकेट फ्राटरनिटी में जगमोहन डालमिया के सलाहकार के रूप में जाने, जाने वाले पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष विश्वनाथ दत्त का विकट फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित होने के बाद 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. 1982-88 से प्रमुख निकाय के उपाध्यक्ष के रूप में छः वर्ष के कार्यकाल के बाद दत्त ने 1989 में बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था.
कुछ इस तरह का रहा है करियर


गांगुली ने पुणे मिरर से कहा कि ‘मुझे याद है कि अंडर 19 टीम की ओर से खेलने के लिए रवाना होने से पहले मैं उनसे मिला था. उनके ही नहीं बल्कि उनके बेटे (सुब्रत दत्ता) के साथ भी मेरा जुड़ाव काफी लंबे समय से है.इससे शून्य पैदा होगा उनकी कमी पूरी करना बेहद मुश्किल होगा.’
बंगाल क्रिकेट संघ ने ईडन गार्डन्स में एक गैलरी बीएन दत्त के नाम पर बनाई है. कैब अध्यक्ष गांगुली ने कहा कि “उन्हें गर्व है कि वे उनके जीवित रहते उनके नाम पर गैलरी बना पाए.”
गांगुली ने दत्त के निधन पर कहा कि “ये काफी बड़ा नुकसान है. वो कैब के ही नहीं बल्कि बीसीसीआई के भी अध्यक्ष रहे और फुटबाल से भी जुड़े हुए थे. वो बेहतरीन प्रशासक थे.”
आप को बता दें कि दत्त का फेफड़ों के संक्रमण के कारण सोमवार को निधन हो गया. दत्त 92 साल के थे. उनके परिवार में पुत्री और पुत्र सुब्रत दत्ता हैं जो कि अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं. इसके अलावा बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी उनकी मौत पर शोक जताया है.
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