खेल डेस्क। पूर्व भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी अब मैदान के बाहर मास्टरकार्ड के साथ मिलकर कैश-टू-डिजिटल अभियान के माध्यम से डिजिटल भुगतान के बारे में जागरूकता फैलाते नजर आएंगे।
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इस प्रकार इस समय भारतीय टीम के साथ एशिया कप खेल रहे विकेटकीपर बल्लेबाज धोनी भारत को कम नकदी वाला देश बनाने के मास्टरकार्ड के निरंतर प्रयासों के साथ जुड़ गए हैं।इस अभियान का लक्ष्य सुविधा, व्यापक स्वीकृति और डेबिट कार्ड की सुरक्षा के बारे में उपभोक्ताओं और व्यापारियों को शिक्षित करना है।
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इस संबंध में भारत की 2011 विश्व चैम्पियन टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का कहा है कि एक छोटे से शहर रांची का निवासी होने पर मुझे गर्व है और मैंने पूरी दुनिया का भ्रमण किया है इसलिए मैं सुरक्षित भुगतान के महत्व को जानता हूं।
अपनी कप्तानी में भारत को पहला टी-20 विश्व कप जिताने वाले महेन्द्र सिंह धोनी भारत सरकार के इस अभियान से जुडक़र अपने को उत्साहित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं एक डिजिटली सशक्त, जुड़े हुए और समझदार समाज निर्माण के उद्देश्य को समर्थन देने के लिए मास्टरकार्ड के साथ जुडक़र काफी उत्साहित हूं।
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इस घोषणा पर मास्टरकार्ड के डिवीजन प्रेसिडेंट, साउथ एशिया, पोरुश सिंह ने कहा कि एमएस धोनी के रूप में मास्टरकार्ड को बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान के अलावा एक नया भागीदार मिला है। उन्होंने बताया कि पूर्व भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी एक प्रगतिशील और अभिनव भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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इस क्रिकेटर का प्रभाव उन लोगों के बीच व्यवहारिक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा जो अभी भी नकदी को ही वरीयता देता और डिजिटल लेनदेन के बारे में उनके मन में कुछ गलत धारणाएं हैं। महेन्द्र सिंह धोनी भारत की ओर से दस हजार से अधिक रन बना चुके हैं। इसमें उन्होंने दस शतक लगाए है। वह अब भारतीय टीम की ओर से केवल सीमित ओवरों के मैच ही खेलते हैं।