लाइव सिटीज डेस्क: कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्डन गर्ल बिहार की शूटर श्रेयसी सिंह को उन 20 खिलाड़ियों की सूची में जगह मिली है, जिनके नामों की सिफारिश अर्जुन पुरस्कारों के लिए की गयी है, कल इस बात की घोषणा की गयी. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और भारोत्तोलक मीराबाई चानू को संयुक्त रूप से देश के सबसे बड़े खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार देने की सिफारिश की गयी है.
अर्जुन परस्कारों के लिए चोपड़ा के अलावा जूनियर विश्व चैंपियन हिमा दास और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली मध्यम दूरी के धावक जिन्सन जॉनसन, क्रिकेटर स्मृति मंधाना, हॉकी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह एवं सविता पूनिया, राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा और एशियाई खेलों में युगल मैच में स्वर्ण पदक जीतने वाले टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना के नामों की सिफारिश की गयी है.
इन सिफारिशों को खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की सहमति मिलना बाकी है. एक बार उनके द्वारा अनुमोदित होने के पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 25 सितंबर को राष्ट्रपति भवन में पुरस्कार देंगे. अगर राठौड़ चयन समिति की सिफारिश को मान लेते हैं तो कोहली खेल रत्न का सम्मान पाने वाले देश के तीसरे क्रिकेटर होंगे. इससे पहले यह खिताब दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर (1997) और दो बार विश्व कप जीतनेवाले पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी (2007) को मिला है.
इनके नामों की सिफारिश
राजीव गांधी खेल रत्न : विराट कोहली (क्रिकेट), मीराबाई चानू (भारोत्तोलन).
अर्जुन पुरस्कार : नीरज चोपड़ा, जिन्सन जॉनसन, हिमा दास (एथलेटिक्स), एन सिक्की रेड्डी (बैडमिंटन), सतीश (मुक्केबाजी), स्मृति मंधाना (क्रिकेट), शुभंकर शर्मा (गोल्फ), मनप्रीत, सविता (हॉकी), रवि राठौड़ (पोलो), राही सरनोबत, अंकुर मित्तल , श्रेयशी (निशानेबाजी), मनिका बत्रा , जी साथियान (टेबल टेनिस), रोहन बोपन्ना (टेनिस), सुमित (कुश्ती), पूजा (वुशु), अंकुर (पैरा एथलेटिक्स) और मनोज (पैरा बैडमिंटन).
खेलमंत्री के अनुमोदन के बाद 25 सितंबर को दिया जायेगा सम्मान
खेलमंत्री के अनुमोदन के बाद यह पुरस्कार दिया जायेगा. एशियाई खेलों के कारण इस साल पुरस्कार समारोह का आयोजन राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त की जगह 25 सितंबर को किया जायेगा. खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुने गये खिलाड़ियों को साढ़े सात लाख और अर्जुन पुरस्कार के विजेताओं को पांच लाख की पुरस्कार राशि दी जाती है.
कौन है श्रेयसी सिंह
कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्डन गर्ल श्रेयसी सिंह बिहार के जमुई जिले की रहने वाली हैं. उनके पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह है. दिग्विजय सिंह भारतीय राइफल संघ के अध्यक्ष थे, जिसका फायदा वह उठा सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया. स्कूल में पढ़ाई के दौरान उनमें निशानेबाजी का शौक जागा और उन्होंने अपने पिता को इसकी जानकरी दी, तो पिता के साथ पूर्व सांसद उनकी मां पुतुल कुमारी ने भी सहमति दे दी
जमुई के गिद्धौर में नौवीं क्लास में पढ़ाई के दौरान श्रेयसी को निशानेबाजी के लिए जरूरी सामान की व्यवस्था कराई गई. अच्छी तालीम और निशानेबाजी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए उन्हें नयी दिल्ली जाना पड़ा. श्रेयसी ने दिल्ली के हंसराज कॉलेज से ग्रेजुशन किया और 2007 में तुगलकाबाद में शूटिंग रेंज में ट्रेनिंग की है.
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