खेल डेस्क। टेस्ट क्रिकेट में विश्व के सबसे सफल गेंदबाज बनने की दहलीज पर खड़े इंग्लैंड के गेंदबाज जेम्स एंडरसन को भारत के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के अन्तिम मुकाबले के दूसरे दिन मैदानी अंपायर कुमार धर्मसेना के निर्णय का विरोध जताना महंगा पड़ गया है। इस कारण इंग्लैंड के इस गेंदबाज पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही उन्हें एक डी-मेरिट अंक दिया गया है।
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इंग्लैंड के सबसे सफल तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने ओवल मैदान में अन्तिम टेस्ट के दूसरे दिन भारत की पहली पारी में विराट कोहली के पगबाधा के लिए अपील की थी, जिसे अंपायर धर्मसेना ने नकार दिया था। मैदानी एंपायर के इस निर्णय पर इंग्लैंड के एंडरसन ने विरोध जताया था।
यह घटना उस समय घटी जब विराट कोहली 16 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। इस दौरान एंडरसन की एक गेंद उनके पैड्स पर जाकर लगी। इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाज एंडरसन ने इसके लिए पगबाधा की अपील की, लेकिन मैदानी अंपायर धर्मसेना ने विराट को नॉट आउट करार दिया। इसके बाद एंडरसन ने रिव्यू लिया लेकिन मैदान अंपायर धर्मशाला के निर्णय को बरकरार रखा गया।
जब एंडरसन का ओवर समाप्ति हुआ तो उन्होंने धर्मसेना से अपनी कैप और जंपर छीनते हुए उनके साथ गलत व्यवहार किया। इस प्रकार के व्यवहार पर मैच रेफरी एंडी पाएक्राफ्ट ने एंडरसन पर जुर्माना लगा दिया। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने बाद में अपनी गलती मानते हुए जुर्माने को स्वीकार कर लिया।
गौरतलब है कि तेज गेंदबाज के रूप में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करने से एंडरसन केवल तीन विकेट ही दूर है। एंडरसन अभी तक 561 विकेट ले चुके हैं। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के ग्लैन मैक्ग्राथ हैं। जिन्होंने 563 विकेट लिए हैं।