खेल डेस्क। क्रिकेट को एक बार फिर से ओलंपिक खेलों में शामिल करने की चर्चा होने लगी है। इस बार इसकी वकालत वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने की है। उन्होंने ओलंपिक में क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट को शामिल करने की बात कही है।
उन्होंने इसे ओलंपिक में शामिल करने के पीछे ये तर्क देते हुए बताया कि टी-20 का प्रारूप केवल तीन घंटों में समाप्त हो जाता है, इसलिए इसे ओलंपिक खेलों में क्यों नहीं शामिल किया जा सकता।
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टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले ब्रायन लारा ने कहा कि गोल्फ को ओलंपिक में देखना अछा लगा, लेकिन अब क्रिकेट को खेलों के इस बड़े आयोजन में शामिल करना चाहिए। गौरतलब है कि 1900 में पेरिस ओलंपिक में आखिरी बार क्रिकेट को शामिल किया गया था, जिसमें ग्रेट ब्रिटेन ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
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इसके अलावा वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज ब्रायन लारा ने आईसीसी के वनडे और टी-20 विश्वकप में अधिक टीमों को खेलने का अवसर देने की भी बात भी कही है। वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने 299 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, लेकिन अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर टी-20 क्रिकेट शुरू होने से पहले ही उन्होंने संन्यास ले लिया था।
लारा टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में सातवें स्थान पर है। उन्हीं के नाम टेस्ट क्रिकेट में 400 रन की सबसे बड़ी पारी खेलने का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने ये पारी इंग्लैंड के खिलाफ खेली थी।
उन्होंने टी-20 क्रिकेट का ये कहते हुए समर्थन किया है कि मुझे आज समय में टी-20 क्रिकेट खेलना होता तो इससे मेरी टेस्ट खेलने की क्षमताओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।ब्रायन लारा ने टेस्ट क्रिकेट में 11953 और एक दिवसीय क्रिकेट में 10405 रन बनाए हैं। उन्होंने तीन टी-20 मैच भी खेले हैं।