2017 की चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भारतीय क्रिकेट में अब तक सबसे बड़ा बदलाव आया था. इस दौरान विराट कोहली और कोच अनिल कुंबले के बीच विवाद की वजह से कोच कुंबले ने अपने पद को छोड़ दिया था. जिसके बाद टीम के कोच के रूप में रवि शास्त्री की नियुक्ति हुई थी. हालांकि रवि शास्त्री को बनाए जाने को लेकर सौरव गांगुली खिलाफ थे, लेकिन विराट की वजह से उन्हें ये फैसला लेना पड़ा था. इस बात की जानकारी सौरव गांगुली ने खुद अपने हाल में ही दिए इंटरव्यू में दी है.
इस बारें में जितना कम कहा जाए, उतना बेहतर है

रवि शास्त्री के कोच बनाए जाने को लेकर बात करते हुए सौरव् गांगुली ने कहा कि समितियों में लिए गए फैसले अपमानजनक तरीके से पलट दिए जाते हैं. कोच चयन के मामले में मेरा अनुभव बहुत बुरा रहा. इस बारे में जितना कम कहा जाए, बेहतर है.
उन्होंने कहा कि बोर्ड की गतिविधियों से जुड़े मामलों में शामिल रहे मेरे एक दोस्त ने मुझसे पूछा कि उन्हें किसके पास जाना चाहिए. मेरे पास कोई जवाब नहीं था. मुझे यह पूछना पड़ा कि किसी खास संघ से अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए मुझे किसे आमंत्रित करना चाहिए क्योंकि मैं नहीं जानता था कि क्या चल रहा है.

आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट को कुछ बेहतरीन प्रशासकों और महान क्रिकेटरों ने कड़ी मेहनत से खड़ा किया है. आगे उन्होंने कहा था कि वर्तमान में मुझे लगता है कि यह खतरे में है. उम्मीद है कि लोग सुन रहे होंगे.
रवि शास्त्री ने बदल दिए थे कई फैसले

रवि शास्त्री को कोच बनाए जाने के बाद सलाहकार समिति ने महान बल्लेबाज़ राहुल द्रविड़ को टीम का बल्लेबाज़ी कोच बनाया था. इसके अलावा गेंदबाजी कोच के रूप में ज़हीर खान का चयन किया गया था. हालांकि रवि शास्त्री ने उनके इस फैसले को बदल दिया था. जिसके बाद भरत अरुण को टीम गेंदबाज़ी कोच बनाया गया था.
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