राजकोट
राजकोट में जारी पहले टेस्ट मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत ने पहली पारी 9 विकेट पर 649 रन पर घोषित की। जवाब में तीसरे दिन वेस्ट इंडीज टीम 48 ओवर में 181 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय टीम ने फॉलोऑन दिया है। तीसरे दिन की शुरुआत उसने छह विकेट के नुकसान पर 94 रन से की। रोस्टन चेज (53) और कीमो पॉल (47) ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। इसके बाद कोई भी बल्लेबाज अधिक देर तक भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका। आर. अश्विन ने 4 विकेट झटके, जबकि मोहम्मद शमी के खाते में 2 विकेट गया। उमेश यादव, कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा को 1-1 विकेट मिला।
यह भारतीय टीम की पहली पारी के आधार पर किसी भी टीम के खिलाफ तीसरी सबसे बड़ी बढ़त है। भारत ने 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर में पहली पार के आधार पर 492 रनों की बढ़त ली थी, जबकि 2011 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ उसे 478 रनों की बढ़त मिली थी।
उल्लेखनीय है कि पहले दिन पृथ्वी शॉ के टेस्ट डेब्यू में शतक के बाद आज का दिन कोहली (139) और जडेजा (100*) के नाम रहा। भारत ने चायकाल के समय अपनी पहली पारी घोषित की। जवाब में वेस्ट इंडीज की टीम अच्छी शुरुआत नहीं कर सकी और उसके विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। पेसर मोहम्मद शमी और फिर स्पिनरों ने कैरेबियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाया।
वेस्ट इंडीज ने पारी के दूसरे ही ओवर में मोहम्मद शमी की गेंद पर कप्तान ब्रैथवेट (2) का विकेट गंवा दिया। शमी की सीधी गेंद को ब्रैथवेट पढ़ नहीं पाए और गेंद जाकर ऑफ स्टंप पर लगी। इसके बाद दूसरे ओपनर कायरन पॉवेल भी ज्यादा देर संघर्ष नहीं कर सके और शमी की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने सिर्फ 1 रन बनाया था।
विंडीज की टीम संभल पाती, इससे पहले ही आर. अश्विन ने शाई होप (10) को बोल्ड करते हुए भारत को तीसरी सफलता दिला दी। कुछ ही देर बाद शिमरन हेटमायर (10) रन आउट हो गए। इसके बाद सुनील एम्ब्रिस (12) को जडेजा ने शिकार बनाया। उन्हें रहाणे ने लपका जिसके साथ ही विंडीज की आधी टीम पविलियन लौट गई। फिर शेन डॉरिच (10) को कुलदीप यादव ने बोल्ड कर दिया।
अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे जडेजा ने 132 गेंद पर नाबाद 100 रन बनाए जो उनका पहला टेस्ट शतक है। वहीं कप्तान कोहली ने अपना 24वां टेस्ट शतक लगाते हुए 230 गेंद में 139 रन की पारी खेली। जडेजा को तिहरे अंक तक पहुंचने के लिए 38 टेस्ट का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने दिसंबर 2012 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। 11वें नंबर के बल्लेबाज मोहम्मद शमी के साथ खेलते हुए जडेजा ने चाय से ठीक पहले के ओवर में शतक पूरा किया। अपनी पारी में उन्होंने 5 चौके और 5 छक्के लगाए। इंग्लैंड में आखिरी टेस्ट में 86 रन बनाने वाले जडेजा ने दुबई में एशिया कप के जरिए वनडे क्रिकेट में शानदार वापसी की।