खेल डेस्क। भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाज युवराज सिंह भले ही इंग्लैंड में अगले साल होने वाले आईसीसी वनडे विश्वकप में भारतीय टीम की ओर से खेलने का सपना देख रहे हो, लेकिन भारतीय चयनकर्ताओं की ओर से जो संकेत मिल रहे हैं उन्हें युवराज के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है।
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इन संकेतों के अनुसार 2011 में विश्व कप जीत के हीरो युवराज सिंह का इंग्लैंड में 2019 में आयोजित होने वाले विश्व कप में खेलने का सपना टूट सकता है। इन संकेतों को इस बात से बल मिल रहा है कि आज से शुरू हुई देवधर ट्रॉफी के लिए चुनी गई तीन टीमों में युवराज सिंह का नाम भी नहीं है। जबकि भारत की ए, बी और सी टीमें के लिए 45 खिलाडिय़ों का चयन किया है।
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इस टूर्नामेंट के लिए युवराज सिंह का नाम किसी टीम में नहीं होने के बाद तो ऐसा लग रहा है कि अब बीसीसीआई आगामी विश्व कप के लिए जिन तीस संभावित खिलाडिय़ों की सूची आईसीसी को सौंपेगी उसमें भी युवी का नाम नहीं होगा।
इस टूर्नामेंट के लिए सुरेश रैना, आर अश्विन और गौतम गंभीर को विभिन्न टीमों में शामिल किया गया है। जबकि विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले युवराज सिंह को जगह नहीं मिली है।
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गौरतलब है कि महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम 2011 में विश्व चैम्पियन बनी थी। इस टूर्नामेंट में युवराज सिंह ऑलराउंडर प्रदर्शन कर मैन ऑफ द सीरीज बने थे। जबकि युवी ने भारत को 2007 टी-20 विश्व कप में जीत दिलवाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।