क्रिकेट, एक रिकार्ड्स की दुनिया है, जहाँ हर रोज नए रिकॉर्ड बनते और टूटते हैं। सचिन तेंदुलकर और शेन वॉर्न, ऐसे नाम हैं जो किसी रिकॉर्ड से कहीं ऊपर का औदा रखते हैं। लेकिन कुछ रिकॉर्ड ऐसे भी हैं जो क्रिकेट के ये दिग्गज भी अपने नाम नहीं कर पाए।
इस आर्टिकल में हम प्रकाश डाल रहे हैं ऐसे पांच दिग्गज क्रिकेटरों पर। जिनके नाम लगभग हर रिकॉर्ड जुड़ा, लेकिन कुछ ऐसे भी रहे, जो इन रिकार्ड्स की पहुँच से भी दूर ही रहे।
लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर सचिन तेंदुलकर का शतक

करीब 24 साल लम्बा करियर, करीब 34000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन, 100 अंतरराष्ट्रीय शतक। इस महान क्रिकेटर के नाम इंग्लैंड की धरती पर कुल सात शतक हैं।
लेकिन एक तथ्य यह भी है कि वो कभी लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर शतक नहीं जड़ पाए। लॉर्ड्स पर उनका उच्चतम स्कोर, 37 का है और इस ग्राउंड पर उनकी कुल एवरेज केवल 21 से कुछ ज्यादा की है।
सहवाग का तीसरा तिहरा शतक

वीरेंद्र सहवाग, दुनिया भर के दिग्गज बॉलरों की आँखों में कांटे की तरह चुभते रहे। कौन सा ऐसा बॉलर है, जिसकी उन्होंने कुटाई ना की हो। सहवाग पहले ही दो तिहरे शतक जड़ चुके थे। पहला पाकिस्तान के खिलाफ़, दूसरा साउथ-अफ्रीका के खिलाफ़।
मौका था श्रीलंका के खिलाफ़, 2009 सीरीज़, वो श्रीलंकाई बॉलरों को धज्जियाँ उधेड़ते हुए 293 तक तो जा पहुंचे। अपनी पारी में वो चालीस चौके और सात छक्के जड़ चुके थे। लेकिन मुथैया मुरलीधरन ने उन्हें सात रन पहले ही उस रिकॉर्ड से वंचित रख दिया, जिससे वो टेस्ट क्रिकेट में तीन तिहरे शतक जड़ने वाले पहले क्रिकेटर बन सकते थे।
महेला जयवर्धने तोड़ सकते थे ब्रायन लारा का 400 रनों का रिकॉर्ड

ब्रायन लारा के एक टेस्ट इनिंग में सबसे ज्यादा रन। यानी 400 रनों के उस रिकॉर्ड को चौदह साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। हालाँकि कई दिग्गज ऐसे भी रहे, जो इसके पास तो पहुंचे लेकिन कुछ रन दूर ही रह गए। हालाँकि पहले ब्रायन लारा के नाम 375 रनों का रिकॉर्ड था, जिसे ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने 2003 में तोड़ा।
इन्हीं में से एक नाम है श्रीलंकाई दिग्गज, महेला जयवर्धने, जो 2006 में साउथ-अफ्रीका के खिलाफ़ 374 रनों तक तो पहुंचे। लेकिन 26 रन पहले ही उनका बल्ला जवाब दे गया।
डॉन ब्रैडमैन के इस रिकॉर्ड से चूके कुमार संगकरा

इनके नाम न केवल बल्लेबाज़ी के रिकार्ड्स बल्कि क्रिकेट के इतिहास के सबसे बेहतरीन विकेट-कीपरों में से एक। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रनों के साथ-साथ उनके नाम ग्यारह दोहरे टेस्ट शतक हैं। टेस्ट क्रिकेट में दस से ज्यादा दोहरे शतक जड़ने वाले केवल दूसरे बल्लेबाज़ हैं कुमार संगकरा।
अपने करियर के आख़िरी दौर में वो जबरदस्त फ़ॉर्म में थे, यदि वो एक दोहरा शतक और लगाने में सफ़ल होते, तो डॉन ब्रैडमैन के बारह दोहरे शतकों की बराबरी कर सकते थे।
महेंद्र सिंह धोनी कभी नहीं लगा पाए एशिया के बाहर टेस्ट शतक

महेंद्र सिंह धोनी, भारत के सबसे सफलतम कप्तान होने के साथ-साथ विकेट कीपिंग के भी बहुत से रिकार्ड्स को ध्वस्त कर चुके हैं। लेकिन उनके नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड यह भी है कि वो कभी भी एशिया के बाहर टेस्ट शतक नहीं लगा पाए हैं।
एशिया के बाहर उनका टेस्ट क्रिकेट में उच्चतम स्कोर 92 है। जो उन्होंने 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ़ बनाया था।
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