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डेब्यू मैच में पृथ्वी का ‘शो’, शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बने

नई दिल्ली 
 18 साल के भारतीय बल्लेबाज़ पृथ्वी शॉ ने वेस्टइंडीज़ के खिलाफ गुरूवार से शुरू हुये पहले क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन अपने पदार्पण मैच में 134 रन की शतकीय पारी खेलकर इतिहास रच दिया और इसके साथ ही वह पदार्पण मैच में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय क्रिकेटर बन गए। मुंबई के युवा बल्लेबाज़ ने यहां सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में ओपङ्क्षनग करते हुए 56 गेंदों में अपने 50 रन और 99 गेंदों में 100 रन पूरे किए।

तेज शतक बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज
पृथ्वी की मौजूदा आयु 18 वर्ष 329 दिन है और उन्होंने 99 गेंदों में अपने 100 रन पूरे किए। इस तरह वह टेस्ट पदार्पण में सबसे तेज शतक बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज़ भी बन गए। शिखर धवन ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में 2012-13 में मात्र 85 गेंदों में शतक पूरा कर पदार्पण मैच में सबसे तेज़ शतक का रिकार्ड बनाया था। वेस्टइंडीज़ के ड्वेन स्मिथ ने अपने पदार्पण मैच में 93 गेंदों में शतक बनाया था। पृथ्वी से पहले मोहम्मद अशरफुल और हैमिल्टन मस्काद्जा ने 18 साल की आयु से पहले ही पदार्पण मैच में शतक बनाया था जबकि सलीम मलिक पदार्पण टेस्ट में शतक बनाने के मामले में पृथ्वी से मात्र 6 दिन छोटे थे। 

दिग्गजों में शामिल हुआ नाम
वह ओवरऑल पदार्पण टेस्ट में शतक बनाने वाले 15वें भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं। इससे पहले यह उपलब्धि लाला अमरनाथ, दीपक शोधन, कृपाल सिंह, अब्बास अली बेग, हनुमंत सिंह, गुंडप्पा विश्वनाथ, सुरेंद्र अमरनाथ, मोहम्मद अज़हरूद्दीन, प्रवीण आमरे, सौरभ गांगुली, वीरेंद्र सहवाग, सुरेश रैना, शिखर धवन और रोहित शर्मा को हासिल थी। रोहित ने नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ पदार्पण मैच में शतक बनाया था। उसके पांच वर्ष बाद जाकर पृथ्वी ने यह उपलब्धि हासिल की है। 

पृथ्वी की उम्र में सचिन ने ठोके थे तीन शतक
पृथ्वी टेस्ट शतक बनाने वाले दूसरे सबसे युवा भारतीय युवा बल्लेबाज़ हैं। सचिन तेंदुलकर ने 17 साल 107 दिन की आयु में शतक बनाया था। सचिन ने पृथ्वी से कम उम्र में तीन टेस्ट शतक बना डाले थे। ओवरऑल टेस्ट में शतक बनाने वाले पृथ्वी सातवें सबसे युवा खिलाड़ी हैं। पृथ्वी के नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट और टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण शतक बनाने की दुर्लभ उपलब्धि दर्ज है। उनसे पहले गुंडप्पा विश्वनाथ और आस्ट्रेलिया के डर्क वेलहैम के नाम यह उपलिध दर्ज थी। सहवाग ने भी टेस्ट पदार्पण में और अपनी पहली प्रथम श्रेणी पारी में शतक बनाया था लेकिन उनका प्रथम श्रेणी शतक उनके दूसरे प्रथम श्रेणी मैच में आया था।