क्रिकेट के खेल में दबाव की वह जगह है जो किसी व्यक्ति के दिल में डर की होती है। लेकिन इस दबाव के चक्रव्यूह से बाहर निकलने के लिए अनुभव का होना बेहद ही ज़रूरी है। मैदान पर ही नहीं बल्कि मैदान के बाहर भी यह अनुभव, खिलाड़ियों की कई मौकों पर सहायता करता है।
मैदान के बाहर से हमारा मतलब मीडिया से है। इसमें कोई दो राय नहीं, कि क्रिकेट भारत में किसी अन्य खेल से ऊपर का दर्जा रखता है। बीते कुछ वर्षों में मीडिया का दखल इतना बढ़ गया है, कि बहुत से खिलाड़ी हैं जिन्होंने मीडिया के सामने आना कम कर दिया है।
इस आर्टिकल में हम बताने जा रहे हैं आपको कुछ ऐसे ही खिलाडियों के बारे में जिन्होंने इसी दबाव के कारण, संन्यास लेना ठीक समझा।
अनिल कुंबले

भारत के सफलतम गेंदबाज़, अनिल कुंबले को 2008 का वह ऑस्ट्रेलियाई दौरा आज भी भीतर तक झकझोर कर रख देता होगा। ऊँगली में चोट के चलते वो फ़ॉर्म खो चुके थे। उन्हें विकेट नहीं मिल रही थीं।
चार पारियां विकेट रहित रहने के बाद, उनके संन्यास की खबरों ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने सीरीज़ के बीच में ही संन्यास की घोषणा कर पूरे क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। उन्होंने सीरीज़ का चौथा मैच खेलने तक से मना कर दिया।
वीवीएस लक्ष्मण

2011 में भारतीय टीम को इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज़ में 4-0 की शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी। वीवीएस लक्ष्मण, इस सीरीज़ में केवल दो पचासे जड़ पाए। चार मैचों की सीरीज़ में लक्ष्मण ने केवल 23 की औसत के साथ कुल 182 रन बनाये।
इसके बाद भारतीय टीम, ऑस्ट्रेलिया पहुंची, लेकिन वहाँ भी वो चार मैचों की आठ परियों में केवल एक ही पचासा जड़ पाए। मीडिया का दबाव इतना बढ़ने लगा था कि उनके लिए इसे संभालना मुश्किल होआ जा रहा था।
उन्हें ट्रॉल भी किया जा रहा था, उन्हें इसके बाद न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए भी चुना गया, लेकिन लक्ष्मण मीडिया का यह दबाव झेल नहीं पाए। अंततः उन्होंने न्यूज़ीलैंड सीरीज़ खेले बिना ही संन्यास की घोषणा कर दी।
सचिन तेंदुलकर

इन्होंने जाने कितनी बार टीम को दबाव में रहते हुए जीत दिलाई थी। 2012 और 2013 का वह दौर तेंदुलकर के लिए बेहद ही ख़राब दौर रहा। उन्होंने एक ही वर्ष के भीतर क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी।
हालाँकि वो 2013 में हुई वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ सीरीज़ से पहले ही घोषणा कर चुके थे कि यह उनके करियर की आख़िरी सीरीज़ होने जा रही है। टेस्ट क्रिकेट में 16000 रन बनाने से वो केवल 163 रन दूर थे। लेकिन वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ सीरीज़ में वो इसमें केवल 84 ही रन जोड़ पाए।
इससे पहले मीडिया में ख़बरें भी उछली कि सचिन तुम कब जाओगे। क्रिकेट का लगभग हर रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले, सचिन तेंदुलकर को दबाव में आ संन्यास का कठोर निर्णय लेना ही पड़ा।
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The post दिग्गज भारतीय क्रिकेटर, जिन्हें मीडिया ने किया संन्यास लेने पर मजबूर appeared first on SportzWiki Hindi.