इंटरनेट डेस्क। क्रिकेट के मैदान में कई आएं दिन कई रिकॉर्ड देखने को मिलते है। मैदान में बल्लेबाज, गेंदबाज और फील्डर कोई न कोई रिकॉर्ड मैदान में बनाते नजर आते है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हर किसी का सपना होता है कि वह देश के लिए खेले। लेकिन क्रिकेट के मैदान में कई ऐसे खिलाड़ी आएं जो आए तो गेंदबाज बनने लेकिन टीम में निभाई मुख्य बल्लेबाज की भूमिका। आइए आज आपको बताते है उन बल्लेबाजों के बारें में जिन्होंने गेंदबाज के रूप में एंट्री की लेकिन बने शानदार बल्लेबाज..
वीरेंद्र सेहवाग: भारतीय टीम पूर्व हिटमैन वीरेन्द्र सहवाग जिन्होंने कई मैचों में छक्के से अपनी पारी की शुरूआत की है। भारत का ये पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज़ अपने करियर की शुरुआत स्पिन गेंदबाज़ के रूप में की थी। लेकिन ये खिलाड़ी बल्लेबाजी के कारण ज्यादा पॉपुलर हुआ। एकदिवसीय बेस्ट बोलिंग फिगर 2010 में बांग्लादेश के खिलाफ 6 रन देकर 4 विकेट का है।
सनथ जयसूर्या: श्रीलंका के पूर्व कप्तान व आॅलराउंडर खिलाड़ी सनथ जयसूर्या ने अपने गेंदबाजी से कई मैचों में टीम को विजयी बनाने में अहम योगदान दिया। सनथ जयसूर्या ने करियर की शुरुआत लेग स्पिनर के रूप में की थी। समय के साथ वे परिपक्व होते गए और श्रीलंका के महान महान बल्लेबाज़ों की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया।
रोहित शर्मा: भारतीय टीम के हिटमैन रोहित शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत बतौर स्पिनर की थी। लेकिन बल्लेबाज़ी में ठीक होने की वजह से उन्होंने इसमें हाथ आजमाया और आज वे विश्व क्रिकेट के महान क्रिकेटर्स में शुमार हैं।रोहित शर्मा ने मैदान में कई अनचाहे रिकॉर्ड बनाएं है। उनके नाम वनडे में सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने का रिकॉर्ड दर्ज है।
केविन पीटरसन: इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने अपने करियर की शुरुआत लेग स्पिनर के तौर पर की थी। लेकिन बाद में वे इंग्लैंड के सबसे महान खिलाडी के रूप में उभर कर सामने आये। केविन पीटरसन ने अपने करियर में कई अहम मैचों में टीम को विजयी बनाने में अहम योगदान दिया है।