मुख्यचयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने अफवाहों को ख़ारिज करते हुए साफ किया है की चयन समिति और टीम मैनेजमेंट की सोच एक जैसी ही है. बल्लेबाज मुरली विजय और करुण नायर ने टीम से ड्रॉप किए जाने के बाद संवादहीनता के आरोप लगाए थे. इसके बाद से ही टीम मैनेजमेंट और चयन समिति के विचारों में भिन्नता की बात कही जा रही थी.

सबसे पहले करुण नायर ने संवादहीनता की बात कही थी. उन्हें इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज के लिए टीम में चुना गया था. पर नायर को इस दौरान एक भी टेस्ट में खेलना का मौका नहीं मिला और वह सिर्फ बेंच पर ही बैठे रहे. दूसरी ओर अंतिम दो मैचों के लिए पहली बार टेस्ट टीम में चुने गये हनुमा विहारी सीरीज के आखिरी टेस्ट में डेब्यू करने में सफल रहे थे.
जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए जब करुण नायर को टीम से ड्रॉप कर दिया गया तो सवाल उठा की आखिर खिलाडी को मौके दिए बिना ही किस आधार पर टीम से बाहर किया गया. इस बीच नायर ने भी सार्वजनिक किया कि उन्हें ड्रॉप के बारे में चयन समिति या टीम मैनेजमेंट की और से कुछ नहीं बताया गया.
कुछ ऐसे ही आरोप मुरली विजय ने भी लगाए थे. विजय को इंग्लैंड में दो टेस्ट मैचों में मौका मिला था इसके बाद वह टीम से बाहर कर दिए गए और वेस्टइंडीज के खिलाफ भी टीम में चयन नहीं हुआ. जिसके बाद विजय ने भी संवादहीनता के आरोप लगाए.
क्या कहा एमएसके प्रसाद ने ?
मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में कहा ”टीम प्रबंधन और चयन समिति हमेशा एक ही पृष्ठ पर रहते हैं. चयन नीति को लेकर हमारा नजरिया बिलकुल स्पष्ट है और मैं उसके साथ हूं.”

प्रशासकों की समिति के प्रमुख विनोद राय ने बुधवार को टीम प्रबंधन से मुलाकात की जिसमें कप्तान विराट कोहली, कोच रवि शास्त्री और रोहित शर्मा शामिल थे. इसमें संवाद नीति के तरीके के बारे में जाना.
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