खेल डेस्क। बॉलीवुड में चल रहे मी टू अभियान ने अब खेलों का भी रुख कर लिया है। अब एक भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने मानसिक प्रताडऩा और चयन में भेदभाव को लेकर आरोप लगाए हैं।
युगल में बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने मंगलवार को ये आरोप लगाए हैं। महिला युगल में विश्व चैंपियनशिप की पूर्व कांस्य पदक विजेता ज्वाला गुट्टा ने कहा कि उन्होंने अतीत में जो झेला वह मौजूदा ;मी टू खुलासों के अंतर्गत आता है।
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हालांकि बैडमिंटन की इस खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पर इस मामले में ना तो किसी का नाम लिया और ना ही यौन शोषण के किसी मामले का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने ट्वीट करते हुए भारतीय टीम में चयन में उन्हें निशाना बनाए जाने के अपने आरोपों का एक बार फिर जिक्र किया है।
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उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि मुझे भी अतीत की उस मानसिक प्रताडऩा का जिक्र किया जाना चाहिए जिससे मैं गुजरी। ज्वाला ने साल 2006 के बाद से उन्हें राष्ट्रीय टीम से बाहर करने का आरोप भी लगाया। हैदराबाद की ज्वाला गुट्टा ने मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद पर केवल एकल खिलाडिय़ों पर ध्यान देते का आरोप भी लगाया था।
उनके कोच के साथ काफी लम्बे समय तक मतभेद रहे हैं। बैडमिंटन की इस खिलाड़ी ने दावा किया था कि कोच की आलोचना के कारण उनकी राष्ट्रीय टीम में अनदेखी की गई थी।
गौरतलब है कि बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन उत्पीडऩ को आरोप लगाने के बाद मी टू अभियान ने जोर पकड़ा है।