नई दिल्ली
पृथ्वी शॉ, इस नाम को सुनते ही अब लोगों के मन में सचिन तेंडुलकर की तस्वीर सामने आ जाती है। सचिन की तरह पृथ्वी शॉ ने स्कूल क्रिकेट में बड़े रन बनाए, तेंडुलकर की तरह शॉ ने रणजी, दिलीप ट्रोफी के डेब्यू में शतक जड़े और अब अपने टेस्ट करियर का आगाज भी शॉ ने सचिन के अंदाज में ही किया है। इस मौके पर सचिन ने शॉ की जमकर तारीफ की और उन्हें आगे के लिए कुछ टिप्स भी दिए।
इंटरव्यू में शॉ की तारीफ में सचिन ने कहा, 'मैंने शॉ को जितना देखा है, वह चीजों को जल्दी समझ जाते हैं। मेरे लिए प्रतिभा होना अलग बात है, लेकिन आप उसका इस्तेमाल कैसे करते हैं, यह दूसरी बात। इंटरनैशनल लेवल पर सफल होने के लिए चाहिए की आप जल्दी चीजों को सीख जाएं, यह बात शॉ में दिखती है। मुझे लगता है कि शॉ की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वह अपने आप को स्थिति और हालत के हिसाब से ढाल लेते हैं।'
शॉ-सचिन की पहली मुलाकात
शॉ और सचिन की पहली मुलाकात लगभग 10 साल पहले हुई थी। सचिन के एक दोस्त जगदीश चव्हाण ने शॉ से उनको मिलाया था। सचिन ने बताया कि उस वक्त जगदीश ने कहा था, 'एक नया लड़का है, तुमसे मिलना चाहता है, अगर तुम देख लो तो उसे अच्छा लगेगा।'
तब शॉ सचिन से मिलकर अपने खेल को सुधारने के लिए राय लेना चाहते थे। पल को याद करते हुए सचिन बताते हैं, 'मैंने शॉ को देखते ही कह दिया था कि यह लड़का भारत के लिए जरूर खेलेगा, मैंने जगदीश को कहा था यह भारतीय क्रिकेट का भविष्य है।' इसपर जगदीश ने सचिन से पूछा, 'क्या तुम्हें पूरा भरोसा है?' इसपर सचिन ने फिर कहा, 'मेरे शब्द याद रखना, यह लड़का पक्का भारत के लिए खेलेगा।'
शतक के साथ पृथ्वी का इंटरनैशनल आगाज, दिग्गज भी हुए मुरीद
कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिनके नाम का डंका उनके आने से पहले ही बज उठता है। मुंबई के युवा क्रिकेटर पृथ्वी शॉ का नाम भी क्रिकेट की दुनिया में कुछ यूं ही गूंज रहा था। गुरुवार को जब उन्हें टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला, तो उन्होंने शतक जड़कर बता दिया कि क्रिकेट जगत में उनकी इतनी तारीफ क्यों होती है।