खेल डेस्क। गेंद को हवा में ही दोनों दिशाओं में घुमाने में माहिर भारतीय टीम के स्विंग किंग प्रवीण कुमार ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेंटों को अलविदा कर दिया है।
भारतीय टीम की ओर से पांच साल तक अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके प्रवीण कुमार ने क्रिकेट से संन्यास लिए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि मैं उत्तरप्रदेश के बहुत से युवा गेंदबाजों का करियर प्रभावित नहीं करना चाहता हूं। यूपी के इस तेज गेंदबाज ने कहा कि मुझे किसी बात का पछतावा नहीं है। दिल से खेला। दिल से गेंदबाजी कराई।
क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर चुके प्रवीण कुमार ने अब अपनी नई पारी गेंदबाजी कोच के रूप में शुरू करने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने इस दौरान ये जानकारी देते हुए बताया कि अब से वह एक गेंदबाजी कोच के रूप में मैदान पर नजर आएंगे। हालांकि वह ऑइल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) की टीम से मैच खेलते हुए भी नजर आएंगे।
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के निवासी प्रवीण कुमार ने भारतीय टीम की ओर साल 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में अपना पहला अन्तरराष्ट्रीय मैच खेल था। वह अपने पांच साल के अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में केवल 68 वन मैच ही खेल सके हैं। इस दौरान उन्होंने 77 विकेट हासिल थे।
उन्हें भारतीय टीम की ओर से केवल छह टेस्ट मैचों में ही खेलने का मौका मिला था। इन छह मैचों में उन्होंने 27 विकेट अपने नाम किए थे। जबकि दस टी-20 मैचों में वह आठ विकेट हासिल करने में कामयाब हुए हैं।