#MeToo मामले पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की कमजोर कार्रवाई के खिलाफ अब बोर्ड के भीतर ही आवाज उठने लगी है. पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने इस मामले में बोर्ड को ई-मेल भेजा है. उन्होंने कहा है कि इस मामले को जिस तरीके से निपटा गया, वह चिंताजनक है. गांगुली बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (कैब) के अध्यक्ष भी हैं.
सौरव गांगुली ने किया है मेल

सौरव गांगुली ने अपने मेल ने कहा है कि मैं यह मेल बड़े डर के भाव में लिख रहा हूं कि आखिर भारतीय क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन में आखिर हो क्या रहा है. मैं बहुत चिंतित हूं. मैं यह बताना चाहता हूं कि पिछले कुछ साल में जिस तरीके से भारतीय क्रिकेट से जुड़े निर्णय लिए गए हैं, उससे इसके प्रशंसकों को निराशा हुई है.
राहुल जौहरी पर कार्रवाई पर उठाया सवाल

सौरव गांगुली ने अपने मेल में बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी का नाम नहीं लिया है, लेकिन उन पर लगे प्रताड़ना के आरोपों पर चिंता जताई है. उन्होंने अपने मेल में लिखा है कि मुझे नहीं पता कि इस मामले में कितनी सच्चाई है. लेकिन हाल ही में प्रताड़ना के आरोप पर बीसीसीआई की कार्रवाई बेहद कमजोर रही है. इससे भी चिंताजनक इस मामले से निपटने का तरीका रहा है. सीओए की कमेटी जो पहले चार सदस्यीय थी और अब इसमें सिर्फ दो सदस्य हैं, वह भी अब बंटी नजर आ रही है.

सीओओ के चेयरमैन विनोद राय ने इस मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है. वहीं, सीओए की दूसरी सदस्य डायन एडुलजी का कहना है कि जौहरी को या तो इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें हटा दिया जाना चाहिए.
सौरव गांगुली ने अपने मेल में आगे लिखा है कि यह पूरी तरह अव्यवस्थित और बीसीसीआई के बुनियादी संविधान के खिलाफ है, जहां संबंधित समितियां बैठक आयोजित करती हैं. उम्मीद है कि सीओए इसकी अहमियत को समझेगा.
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