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17 साल बाद जिम्बाब्वे को नसीब हुआ यह दिन

 
सिलहट 

टेस्ट डेब्यू कर रहे ब्रेंडन मावुता और सिकंदर रजा की स्पिनर जोड़ी ने मिलकर 7 विकेट चटकाए जिसकी बदौलत जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश को पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन 151 रनों से हरा दिया। गौरतलब है कि जिम्बाब्वे ने 14 सितंबर 2013 के बाद पहली बार कोई टेस्ट मैच जीता है। तब उसने पाकिस्तान को हरारे टेस्ट में 24 रन से हराया था। इतना ही नहीं उसने विदेशी धरती पर 19 नवंबर 2001 के बाद पहली बार कोई टेस्ट मैच जीता है। इस जीत के बाद जिम्बाब्वे ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।  
 
321 के टारगेट का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम ने चौथे दिन 26/0 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। लंच के समय तक बांग्लादेश का स्कोर 111/5 था। डेब्यूटेंट आरिफुल हक (38 रन) ने दूसरी पारी में भी उपयोगी पारी खेली लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे जिसकी वजह से बांग्लादेश को यह मैच गंवाना पड़ गया। 
 
जिम्बाब्वे के कोच लालचंद राजपूत का कहना है, 'मैं बहुत खुश हूं। टीम ने मुझे दिवाली का उपहार दिया है। यह काफी अहम जीत है क्योंकि बड़ी टेस्ट टीमों को भी बांग्लादेश में संघर्ष करना पड़ता है। बांग्लादेश को उनकी सरजमीं पर हराना हमारे लिए बहुत बड़ी जीत है।' 

आपको बता दें कि जिम्बाब्वे ने विदेशी धरती पर अबतक 48 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें से उसने केवल तीन मैच ही जीते हैं। वहीं, 106 टेस्ट मैचों में जिम्बाब्वे को अबतक कुल 12 जीत हासिल हुई है जिसमें से 7 बांग्लादेश के खिलाफ, 3 पाकिस्तान के खिलाफ और 2 भारत के खिलाफ जीते हैं।