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29 साल पहले आज ही के दिन सचिन ने किया था अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज, इस दुखद घटना ने बना दिया सलामी बल्लेबाज

क्रिकेट के भगवान… रिकॉर्ड के शहंशाह…रनों के सरजात… ना जाने कितने नामों से पुकारे जाने वाले मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ना केवल भारत बल्कि पूरे क्रिकेट जगत में सबसे बड़े क्रिकेटर बने। सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के इंटरनेशनल क्रिकेट में रिकॉर्ड नहीं बल्कि रिकॉर्ड की फेहरिस्त ही खड़ी कर डाली।

सचिन तेंदुलकर ने 29 साल पहले आज ही के दिन रखा था इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम

सचिन रिकॉर्ड तेंदुलकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना कदम आज ही के दिन 29 साल पहले यानि 15 नवंबर 1989 को रखा था। जिसके बाद ये कारवां 24 साल के लंबे समय तक चला।

एक 16 साल के युवा बल्लेबाज ने जब इंटरनेशनल क्रिकेट का आगाज किया तो किसी ने सोचा ना था कि ये खिलाड़ी आगे चलकर विश्व क्रिकेट इतिहास का सर्वोत्तम बल्लेबाज बनेगा।

पाकिस्तान के खिलाफ 15 नवंबर 1989 को पहला मैच खेला सचिन ने

सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान के दौरे पर गई भारतीय टीम में चुने गए और 15 नवंबर 1989 को कराची में पाकिस्तान के खिलाफ उन्हें अपने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला। इस मैच में सचिन ने पहली पारी में 15 रनों का योगदान दिया और दूसरी पारी में खेलने का मौका नहीं मिल पाया।

अपने 15 रनों की पारी से शुरुआत करने वाले सचिन तेंदुलकर ने इसके बाद क्रिकेट जगत में अगले 24 सालों तक राज किया और अपने नाम को पूरे क्रिकेट जगत में बहुत ही खास बना दिया।

सचिन तेंदुलकर अपने करियर की शुरुआत से नहीं थे सलामी बल्लेबाज

इसके बाद तो सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट के साथ ही वनडे क्रिकेट में भी एक बहुत बड़े बल्लेबाज बने और अपने नाम के साथ ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए जिसे आज तोड़ पाना मुश्किल नजर आ रहा है।

आज हम आपको उनके डेब्यू के 29 साल पूरे होने के मौके पर एक ऐसी बात बताते हैं जिसे बहुत कम लोग जानते हैं जिस तरह से वनडे क्रिकेट में सचिन महान सलामी बल्लेबाज बने लेकिन वो अपने करियर की शुरुआत में सलामी बल्लेबाज नहीं थे।

न्यूजीलैंड के दौरे पर सिद्धू की चोट ने सचिन को बना दिया सलामी बल्लेबाज

साल 1994 में भारत के न्यूजीलैंड दौरे पर 4 मैचों की वनडे सीरीज खेल रही थी। सीरीज का दूसरा मैच ऑकलैंड में खेला गया जहां भारत को जीत के लिए 143 रन का लक्ष्य मिला। लेकिन भारत के रेगुलर सलामी बल्लेबाज गर्दन में खिंचाव के चलते बल्लेबाजी करने नहीं आ पा रहे थे।

ऐसे में कप्तान मोहम्मद अहरूद्दीन के लिए सलामी बल्लेबाज चुनना चिंता बनने लगा। इसके बाद तमाम सोच-विचार के बाद मोहम्मद अजहरूद्दीन ने अजय जडेजा के साथ सचिन तेंदुलकर को भेजा। ये पहला मौका था जब सचिन ओपनिंग करने उतरे।

बतौर सलामी बल्लेबाज पहले ही मैच में सचिन ने बनाए 82 रन

कप्तान अजहर का ये दांव सही जगह बैठा और पहले विकेट के लिए सचिन और जडेजा ने 61 रन जोड़े। जडेजा तो 18 रन बनाकर चलते बने लेकिन सचिन तेंदुलकर ने ओपनिंग के मिले मौके को पूरी तरह से भुनाया।

सचिन तेंदुलकर ने सलामी बल्लेबाज के तौर पर पहली बार खेलने के दौरान शतक नहीं नहीं बनाया लेकिन 49 गेंदों में 82 रनों की शानदार पारी खेल हर किसी को प्रभावित किया और टीम मैनेजमेंट को भी बता दिया कि उन्हें एक नया सलामी बल्लेबाज मिल गया है।

116 वनडे मैचों के बाद सचिन तेंदुलकर ने की सलामी बल्लेबाजी

इस पारी के बाद सचिन तेंदुलकर भारतीय टीम के लिए एक परमानेंट सलामी बल्लेबाज बन गए। भले ही मजबूरी लेकिन इस मजबूरी ने सचिन तेंदुलकर को एक महान सलामी बल्लेबाज के साथ ही क्रिकेट का भगवान बना दिया।

सचिन ने अपने पहले 5 साल के क्रिकेट करियर में 116 वनडे मैच खेले जिसमें उन्होंने 33 की औसत से 3116 रन बनाए लेकिन इसके बाद उन्होंने सलामी बल्लेबाज बनने के बाद 344 वनडे मैचों में 48.29 की औसत से 15,310 रन बनाए। हालांकि इनमें कुछ मैच ऐसे रहे जब सचिन मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी की।

 

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