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भारत के 3 आल टाइम बेस्ट क्रिकेटरों में नहीं है विराट कोहली, इन दिग्गजों को मिली जगह

क्रिकेट लोगों के लिए खेल नहीं बल्कि उनका जूनून हैं। जब भी भारतीय टीम कोई भी मैच खेलती हैं तो सबकी निगाहें बस टीवी पर आकर थम जाती हैं। जब भी टीम इंडिया का मैच होता हैं ,तो स्टेडियम की टिकट के दाम से लेकर टीवी चैनल की रेटिंग तक बढ़ जाती हैं। क्रिकेट प्रेमियों के खिलाड़ी उनके लिए किसी रोल मॉडल से कम नहीं होते हैं।

संन्यास लेने के बाद भी कुछ ऐसे क्रिकेटर्स से जिनके चाहने वालों की संख्या में कभी गिरावट नहीं हुई। उनके मैचों को लोग जहन में रखते हैं। भारत में भी कई ऐसे महान खिलाड़ी हैं। तो आइये आज हम उन तीन भारतीय बल्लेबाजों की बात करते हैं। जो क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। लेकिन आज भी लोगों की पहली पसंद हैं।

कपिल देव

ये एक ऐसे खिलाड़ी हैं। जिन्होंने पूरी दुनिया के सामने भारतीय टीम के वर्चस्व की नींव रखी थी। कपिल देव के दौर में भारत का क्रिकेट के मैदान में अपना एक अलग ही रुतबा था। कपिल भारत के बेहतरीन गेंदबाजों में से एक थे। बता दे इन्होने टेस्ट मैचों में 434 विकेट अपने नाम किये थे। इन्होंने न्यूज़ीलैंड के सर रिचर्ड हेडली का रिकॉर्ड तोड़ा था।

इस खिलाड़ी को 20वीं सदी का सबसे महान खिलाड़ी भी कहा जाता हैं। इस खिलाड़ी ने अपनी कप्तानी के दौर में भारत को पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनाया था। वर्ल्ड कप जीतने के बाद से ही टीम इंडिया की किस्मत बदल गयी थी।

कपिल सिर्फ बेहतरीन गेंदबाजी ही नहीं बल्कि अच्छी बल्लेबाजी भी करते थे। उन्होंने 1983 के वर्ल्ड कप के एक मैच के दौरान 175 रन की पारी खेली थी। वनडे में कपिल ने 3000 से ज़्यादा और टेस्ट में 5000 से अधिक रन बनाए हैं।

सचिन तेंदुलकर

सचिन ने महज 16 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। सचिन का नाम दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता हैं। सचिन ने क्रिकेट में न सिर्फ कई सारे रिकार्ड्स बनाये हैं, बल्कि अपने व्यवहार से भी लोगों का दिल जीता है।

बल्लेबाजी के ज्यादातर रिकार्ड्स उन्ही के नाम पर हैं। बता दे टेस्ट मैचों के दौरान उन्होंने 51 और वनडे 49 शतक अपने नाम किये हैं। इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 34 हज़ार से ज़्यादा रन बनाए हैं। बतौर गेंदबाज भी इन्होने कई कमाल किये हैं।

महेंद्र सिंह धोनी

धोनी का अपनी टीम के साथ-साथ अपने खेल के लिए समर्पण कई सदियों तक याद रखा जाएगा। जब धोनी को लिमिटेड ओवरों के खेल का कप्तान बनाया गया था। तब लोगों ने उनकी काबिलियत पर शक किया था।

धोनी ने साल 2007 में टीम इंडिया को आईसीसी वर्ल्ड टी-20 का चैम्पियन बनाया था। इतना ही नहीं धोनी ने 2011 के आईसीसी वर्ल्ड कप में भी भारत को विजेता बनाया था।

धोनी ने न सिर्फ अपनी कप्तानी में कमाल दिखाया बल्कि स्टंप के पीछे कैच पकड़ने, रन आउट आउट के मामले में भी आगे हैं।

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