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इस बार ऑस्ट्रेलिया में जीत सकती है टीम इंडिया: सचिन तेंडुलकर

 
नई दिल्ली

भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा हमेशा से मुश्किल भरा रहा है लेकिन पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर का कहना है कि मौजूदा भारतीय टीम में ऑस्ट्रेलिया में जीत हासिल करने का माद्दा है। सचिन के मुताबिक मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम में योग्यता और अनुभव की कमी है, लेकिन विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम को मेजबानों को मात देने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना होगा। 
 
सचिन ने गुरुवार को समाचार चैनल सीएनएन-न्यूज18 से कहा, 'हमारे वहां जीतने की काफी संभावना है। अगर आप अतीत की ऑस्ट्रेलियाई टीम को देखें और उसकी तुलना मौजूदा टीम से करें, तो हमारा पलड़ा भारी नजर आता है। शायद हमारे लिए वहां जा कर जीतने का यह सर्वश्रेष्ठ मौका है। मेरा कहना है कि वह टीम इस समय उच्च स्तर की क्रिकेट नहीं खेल रही है। मुझे लगता है कि अतीत में उनकी टीमें काफी अच्छी थीं।' 

 
इस महान बल्लेबाज ने कहा, 'उनके पास पहले अच्छे अनुभवी खिलाड़ी थे और यह टीम गैरअनुभवी है। यह टीम अपने आप को एकजुट करने की कोशिश कर रही है और एक अच्छी टीम बनने के प्रयास में है। लेकिन, ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी प्रतिद्वंद्विता के लिए जानी जाती है। अगर वह अच्छा मुकाबला करें, तो मुझे हैरानी नहीं होगी। वहां जाना और उन्हें चुनौती देना आसान नहीं है।' 

इस पूर्व कप्तान ने कहा, 'वहां जा कर उन्हें चुनौती देने के लिए हमारे अंदर आग होनी चाहिए। हमारे पास अच्छे तेज गेंदबाज और स्पिनर हैं। हमारे पास अच्छे बल्लेबाज भी हैं। आप टेस्ट मैच तब जीतते हैं, जब आप काफी सारे रन बनाते हैं।' सचिन ने कहा कि कोहली की कप्तानी शैली और उनकी मौजूदा फॉर्म टीम को मजबूती देगी। 
  
अंतिम वनडे में विंडीज चित, भारत ने 3-1 से जीती सीरीज
5 वनडे मैचों की सीरीज के अंतिम मुकाबले में टीम इंडिया वेस्ट इंडीज को आसानी से हरकर सीरीज में 3-1 से कब्जा जमा लिया। विंडीज टीम इस मैच में किसी भी मौके पर अपने खेल से प्रभावित नहीं कर पाई और पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह महज 104 रन पर ढेर हो गई। आगे की स्लाइड्स में देखें, इस मैच के रोचक पल…

पढ़ें मैच रिपोर्ट
अंतिम वनडे में विंडीज चित, भारत ने 3-1 से जीती सीरीज
सीरीज के इस अंतिम मैच में विंडीज टीम के पास बराबरी का मौका था। इससे पहले उसने इस सीरीज में शानदार संघर्ष भी दिखाया था। ऐसे में उम्मीद थी कि वह इस मैच में टीम इंडिया को टक्कर देगी। लेकिन शुरुआत से ही मेहमान टीम की बल्लेबाजी पस्त नजर आई और फिर वह कभी उबर ही नहीं पाई। विंडीज टीम का 104 रन का यह स्कोर वनडे क्रिकेट में भारत के खिलाफ सबसे कम स्कोर है।

अंतिम वनडे में विंडीज चित, भारत ने 3-1 से जीती सीरीज
मैच की शुरुआत में ही पहले भुवनेश्वर कुमार ने कायरन पॉवेल को आउट कर दिया। इसके बाद अगले ही ओवर में शैइ होप को बुमराह ने बोल्ड कर चारों खाने चित कर दिया। दोनों ही बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल पाए। इन झटकों के बाद विंडीज टीम अपनी पारी में कभी उबर ही नहीं पाई।

अंतिम वनडे में विंडीज चित, भारत ने 3-1 से जीती सीरीज
2 विकेट गंवाने के बाद विंडीज टीम को मार्लोन सेम्यूल्स (24) ने संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन इसके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय बोलिंग अटैक के सामने टिक नहीं पाया। अंत में कप्तान जेसन होल्डर (25) कुछ प्रयास जरूर किया, लेकिन अपनी टीम को वह संकट से उबार नहीं पाए।

 भारत की पेस बैटरी ने ओपनर्स के विकेट झटके, तो फिर कैप्टन कोहली ने विराट को जल्दी ही गेंद थमा दी। जडेजा ने सेम्यूल्स और हेटमेयर जैसे धाकड़ बल्लेबाजों को क्रीज पर पांव नहीं जमाने दिए और दोनों को आउट कर मेहमान टीम पर दबाव और बढ़ा दिया। इसके बाद अंत के 2 विकेट भी जड्डू ने झटक कर 34 रन देकर कुल 4 विकेट अपने नाम किए। इस उम्दा परफॉर्मेंस के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया।

 इस मैच में विंडीज टीम भारत को कहीं चुनौती देती नहीं दिखी। हर भारतीय गेंदबाज आसानी से विंडीज खिलाड़ियों को पविलियन भेज रहा था। जडेजा के अलावा जसप्रीत बुमराह और खलील अहमद ने 2-2, जबकि भुवनेश्वर कुमार और कुलदीप यादव ने भी 1-1 विकेट अपने नाम किया।

 उम्दा बोलिंग के दम पर भारत के लिए लक्ष्य मुश्किल नहीं था। भारतीय टीम ने इस लक्ष्य को रोहित शर्मा (63*) और विराट कोहली (33*) के दम पर महज 14.5 ओवर में अपने नाम कर लिया। यह वनडे क्रिकेट में बॉल शेष रहने के लिहाज से भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है।

सचिन ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह उनकी भूख है… उनकी मानसिक मजबूती है। उनमें स्थिति को परखने की अच्छी काबिलियत है क्योंकि इसके लिए कोई सेट फॉर्म्युला नहीं है। हर दिन आपके सामने कई नई चुनौतियां आती हैं और आपके दिमाग में उनसे तालमेल बिठाने की काबिलियत होनी चाहिए। कोहली इसमें माहिर हैं। उनमें सबसे अच्छी बात यह है कि उनके अंदर भूख है। बल्लेबाज को ऐसा ही होना चाहिए।' 

सचिन ने हाल ही में T20 टीम से बाहर किए गए पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य के बारे में भी बात की। सचिन ने कहा, 'मैं कभी कोई फैसला नहीं सुनाता। पहले भी मैंने कभी इस तरह की बातें नहीं की कि चयनकर्ताओं को क्या करना चाहिए। धोनी क्रिकेट के सभी प्रारूप में हमेशा से खतरनाक खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने इतने वर्षों में इसकी जिम्मेदारी भी ली है। मुझे हमेशा से लगता है कि जो खिलाड़ी इतने लंबे समय तक खेलता है, उसे पता होता है कि उसे क्या करने की