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रणजी क्रिकेट: दिल्ली में घोर प्रदूषण, मास्क पहनकर खेल रहे खिलाड़ी

नई दिल्ली 
दिल्ली में लगातार बढ़ रहा प्रदूषण गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस बीच दिल्ली की जहरीली हो रही हवा में ही रणजी क्रिकेट का मैच भी खेला जा रहा है। खिलाड़ियों को यहां अपनी सेहत को ध्यान में रखकर ऐंटी पल्यूशन मास्क पहनकर खेलना पड़ रहा है। मुंबई और रेलवे के बीच गुरुवार को यहां खेले जा रहे मैच में मुंबई के बल्लेबाज सिद्धेश प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहने दिखे। दिल्ली के प्रदूषण से निपटने के लिए लंच के बाद सिद्धेश ने बल्लेबाजी करते समय काले प्रदूषण रोधी मास्क के साथ बल्लेबाजी की। उनके साथ बल्लेबाजी कर रहे सूर्यकुमार यादव और रेलवे के क्षेत्ररक्षकों ने हालांकि बिना मास्क के लिए अपना खेल जारी रखा। नवंबर और दिसंबर के महीने में दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है। इससे पहले 2016 में प्रदूषण के कारण बंगाल और गुजरात के बीच फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में मैच रद्द कर दिया गया था। श्री लंका के खिलाड़ियों को 2017 में इसी मैदान में भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में मास्क में देखा गया था। बीसीसीबाई ने इसके बाद नवंबर-दिसंबर के महीने में दिल्ली में कोई मैच नहीं कराने का फैसला किया था। 

पिता ने बनाई बेटे को आउट करने की रणनीति 
किसी पिता के लिए बेटे को आउट करने की रणनीति बनाना मुश्किल काम हो सकता है। लेकिन रेलवे क्रिकेट टीम के पर्यवेक्षक दिनेश लाड को मुंबई के खिलाफ यहां रणजी ट्रोफी के पहले दिन बेटे सिद्धेश लाड को पविलियन भेजने की योजना बनानी पड़ी। रोहित शर्मा के बचपन के कोच के तौर पर पहचाने जाने वाले पश्चिमी रेलवे के पूर्व खिलाड़ी दिनेश को रेलवे ने अपनी सीनियर टीम का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। यहां के करनैल सिंह स्टेडियम में खेले जा रहे मैच के बारे में दिनेश ने कहा, 'मुझे कल ही बताया गया कि मैं इस सत्र में रेलवे का पर्यवेक्षक रहूंगा। मुझे अभी तक नियुक्ति पत्र भी नहीं मिला है इसलिए मैं दिन का खेल खत्म होने के बाद ही टीम के खिलाड़ियों से मिलूंगा।' जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने रेलवे के गेंदबाजों को सिद्धेश को आउट करने के लिए कोई सलाह दी है, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, 'किसी पिता के लिए यह काफी मुश्किल काम है। मुझे अपनी टीम के बारे में सोचना है और उसी समय एक पिता के तौर पर भी। मैं नहीं चाहूंगा की मेरे बेटा असफल हो।' उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'टाइम्स शील्ड टूर्नमेंट के दौरान मैं पश्चिमी रेलवे का कोच था, जबकि सिद्धेश भारतीय तेल निगम के लिए खेलता था।'