ब्रिसबेन
क्रिकेट की सबसे चर्चित प्रतिद्वंदिता में से एक भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया के लिए रणभेरी बुधवार को टी20 इंटरनैशनल सीरीज के आगाज के साथ बजे जाएगी। बॉल टैंपरिंग विवाद और स्टीवन स्मिथ और डेविड वॉर्नर के बैन के बाद से मैदान के भीतर और बाहर खराब दौर से जूझ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम पर भारत का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।
ऐडिलेड में छह दिसंबर से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए अपना दावा पुख्ता करने के मकसद से भारत का लक्ष्य तीनों टी20 मैच अपनी झोली में डालना होगा। एक दूसरे के आत्मविश्वास पर वार करने और आगामी टेस्ट सीरीज से पहले अपनी तैयारियों को पुख्ता करने का भी यह मौका है। भारत की जीत खराब दौर से जूझ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम का मनोबल तोड़ सकती है जिसका असर वनडे और टेस्ट सीरीज में देखने को मिल सकता है, जबकि दौरे के पहले मैच में यदि भारतीय टीम को हार मिलती है तो फिर विदेशी धरती पर अपने रेकॉर्ड को सुधारने का दबाव और बढ़ सकता है, जिसका फायदा मेजबानों को मिल सकता है।
कैसे निबटेंगे विराट से
2016 के पिछले ऑस्ट्रेलियाई दौरे में भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया पर 3-0 से व्हाइटवॉश किया था, जिसमें विराट कोहली ने तीन पारी में 199 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम से बाहर रहे कप्तान विराट तरोताजा होकर एक बार फिर टीम में लौट आए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मौजूदा दौर में दुनिया के इस सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का ध्यान भंग करने के लिए फिंच की टीम स्लेजिंग का सहारा लेती है या नहीं।
टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच टी-20 सीरीज का पहला मैच 21 नवंबर यानी बुधवार को ब्रिस्बेन में खेला जाएगा। भारतीय टीम बेजोड़ फॉर्म में है, बावजूद इसके ऑस्ट्रेलिया को कमतर नहीं आंका जा सकता है। उसके पास कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अपने बल पर जीत दिलाने में सक्षम हैं। आइए जानें उन चुनिंदा खिलाड़ियों के बारे में, जो भारतीय टीम के लिए मुश्किल पैदा कर सकते हैं…
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ऑरोन फिंच उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिसने इंटरनैशनल टी-20 क्रिकेट में दो शतक लगाए हैं। फिंच का हालिया फॉर्म उतना खास नहीं रहा है। पिछले 5 इंटरनैशनल टी-20 में उन्होंने कुल सिर्फ 12 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वोच्च प्रदर्शन सिर्फ7 रन रहा है। लेकिन फिंच जैसे तूफानी बल्लेबाज के लिए फॉर्म बहुत मायने नहीं रखती। वह किसी भी गेंदबजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाने में सक्षम हैं। विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम उनका विकेट जल्दी निकालना चाहेगी।
डार्सी शॉर्ट तूफानी ओपनर हैं। इंटरनैशनल लेवल पर सिर्फ 15 टी-20 खेले हैं और 4 अर्धशतक लगाए हैं। सही मायने में देखा जाए तो यह उनके कद को परिभाषित नहीं करता है। उन्हें लीग क्रिकेट में टी-20 का मास्टर बल्लेबाज माना जाता है। प्रफेशनल टी-20 में वह एक शतक और 10 अर्धशतक लगा चुके हैं। टीम के लिए गेंद से भी योगदान देते हैं।
मैक्सी को भला कौन नहीं जानता… यह खिलाड़ी गेंद और बल्ले से तो योगदान करता ही है, फील्डिंग से भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाता है। लंबे-लंबे शॉट खेलने में माहिर मैक्सवेल के पास आईपीएल का अनुभव है और वह लगभग हर भारतीय के साथ खेल चुके हैं। उनके तरकश में कई तरह के शॉट हैं, जो उन्हें टी-20 स्पेशलिस्ट बनाते हैं। इंटरनैशनल टी-20 में दो शतक भी लगा चुके हैं। विराट कोहली कतई नहीं चाहेंगे कि मैक्सी मैदान पर अधिक समय तक टिकें। गेंदबाजी की बात करें तो उनकी ऑफ ब्रेक गेंदों से भारतीय बल्लेबाजों को बचना होगा।
6.2 फीट लंबे कद के एंड्रयू टाई भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुसीबत बन सकते हैं। एक दिन पहले ही रोहित शर्मा का इस पर बयान भी आया था कि लंबा कद होने की वजह से ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को फायदा मिलेगा, लेकिन हमने तैयारी की है। टाई स्लॉग ओवर्स के चैंपियन बोलर हैं और आईपीएल में हैटट्रिक (गुजरात लायंस के लिए) भी ले चुके हैं। भारतीय बल्लेबाजों की खामियां जानते हैं।
26 वर्षीय एडम जाम्पा के कद का आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि उनकी तुलना करिश्माई बोलर शेन वॉर्न से होती थी। लेगब्रेक गेंदबाजी करने वाले जाम्पा की सबसे बड़ी खूबी है रन गति को रोककर बल्लेबाज को खतरा लेने के लिए मजबूर करना। आईपीएल में भी धमाल मचा चुके हैं। इंटरनैशनल लेवल पर 17 टी-20 में 19 विकेट लेने वाले जाम्पा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 16 रन देकर 3 विकेट है।
मेजबानों का हाल बेहाल
पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी को इस सीरीज से आराम दिया गया है, ऐसे में टीम में शामिल दो विकेटकीपर ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक के लिए टीम में अपनी जगह पक्की करने का यह सुनहरा मौका है। वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट नहीं खेले थे ऐसे में केएल राहुल को तीसरे नंबर पर उतारा गया था। राहुल वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों में 16, 26* और 17