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पर्थ टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 146 रन से हराया

पर्थ
करीब 70 मिनट लगे ऑस्ट्रेलिया को पांचवें दिन भारतीय पारी समेटने में। भारत ने मैच के आखिरी दिन 28 रनों पर अपने पांच विकेट खो दिए। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पर्थ टेस्ट में भारत 146 रनों से हरा दिया है। भारत के सामने चौथी पारी में 287 रनों की जरूरत थी लेकिन मंगलवार को पहले सेशन में 140 रनों आउट पर हो गई। इसके साथ ही चार टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई है। ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली पारी में पांच विकेट लेने वाले ऑफ स्पिनर नाथन लायन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट लिए। मिशेल स्टार्क को भी तीन कामयाबियां हासिल हुईं। सीरीज का अगला मैच 26 दिसंबर से मेलबर्न में खेला जाएगा।

कप्तान के रूप में यह टिम पेन की पहली जीत है। बॉल टैंपरिंग विवाद के बाद यह कंगारू टीम की पहली घरेलू सीरीज है। ऐडिलेड में जहां उसे 31 रनों से हार का सामना करना पड़ा था वहीं पर्थ में उसने शानदार वापसी की और मैच अपने नाम किया।

पांचवें दिन जब भारतीय टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो उसका स्कोर पांच विकेट पर 112 रन था। पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। भारतीय जोड़ी की कोशिश थी कि वे उसी तरह की बल्लेबाजी करें जैसी उस्मान ख्वाजा और टिम पेन ने चौथे दिन की थी। इस ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी ने चौथे दिन पहले सेशन में कोई विकेट नहीं खोया था। दोनों ने शुरुआत तो संयम के साथ की। हालांकि नाथन लायन और मिशेल स्टार्क की गेंदबाजी ने भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया।

स्टार्क ने हनुमा विहारी को 28 के निजी स्कोर पर आउट कर अपनी टीम को दिन की पहली कामयाबी दिलाई। स्टार्क की एक गेंद उनके बल्ले से लगकर थाई पैड पर लगी और स्क्वेअर लेग के फील्डर ने उनका एक आसान सा कैच पकड़ा। विहारी अनलकी रही। गेंद थाईपैड से लगने के बाद काफी दूर तक गई।

ऋषभ पंत 30 रन बनाकर नाथन लायन की गेंद पर आउट हुए। उन्होंने आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन पीटरहैंड्सकॉम्ब ने छलांग लगाकर उनका शानदार कैच लपका। भारत के आखिरी चार बल्लेबाजों ने सिर्फ दो रनों का योगदान दिया। ये दो रन उमेश यादव के बल्ले से निकले। इशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह खाता भी नहीं खोल पाए। मोहम्मद शमी 0 रन पर नाबाद रहे।

नाथन लायन ने पहली पारी में पांच विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में भी विराट कोहली का विकेट लेकर भारतीय टीम को मुश्किल में डाल दिया। उनकी बोलिंग ने ऑस्ट्रेलिया को सीरीज में बराबरी करने का मौका दिया। पर्थ के इस नए स्टेडियम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार खेल दिखाया है। 2014 के बाद से 124 प्रयासों में सिर्फ छह टीमों ने 200 से ज्यादा का स्कोर हासिल किया है। और कुल मिलाकर भारतीय टीम ने टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ दो बार 287 या उससे ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया है।