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वरुण चक्रवर्ती पर 42 गुना अधिक लगी बोली, 8.4 करोड़ में बिके

जयपुर
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 12वें सीजन के लिए बोली में एक ऐसे खिलाड़ी पर जमकर धन वर्षा हुई, जिसकी शायद ही किसी को उम्मीद रही होगी। यह हैरान करने वाला नाम वरुण चक्रवर्ती (Varun Chakravarthy) का रहा है। उन्हें 8.4 करोड़ रुपये में किंग्स इलेवन पंजाब (KXIP) ने खरीदा। वरुण को बेस प्राइस 20 लाख रुपये से 42 गुना अधिक धनराशि मिली। दिल्ली और चेन्नै ने बोली शुरू की। देखेते ही देखते यह बोली उस वक्त रोचक हो गई, जब किंग्स XI पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) भी इस रेस में कूद पड़े। 20 लाख रुपये से शुरू हुई बोली 8.4 करोड़ रुपये पर रुकी। 

कौन हैं वरुण चक्रवर्ती और क्यों बिके इतने महंगे
वरुण चक्रवर्ती इंटरनैशनल लेवल पर भले ही अंजान खिलाड़ी हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में अपनी टीम तमिलनाडु के लिए कई बार चमत्कारिक प्रदर्शन किया है। तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) के दौरान उनका नाम पहली बार सामने आया था। इस टूर्नमेंट में उन्होंने तमिलनाडु के कई टॉप बल्लेबाजों को आउट किया। TNPL के बाद विजय हजारे ट्रोफी में इस मिस्ट्री गेंदबाज को मौका मिला। यहां सिर्फ 9 मैचों में 22 विकेट लेकर सनसनी मचा दी थी। ग्रुप स्टेज पर वह सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। 

आर्किटेक्चर का कोर्स, लेकिन क्रिकेट जारी रखा
हैरान करने वाली बात यह है कि 13 वर्ष की उम्र में क्रिकेट करियर शुरू करने वाले वरुण विकेटकीपर बल्लेबाज थे। यही नहीं, वरुण ने चेन्नै के एसआरएम विश्वविद्यालय से आर्किटेक्चर में डिग्री पूरी की। इसके बाद उन्होंने फ्रीलांस काम भी शुरू किया, लेकिन टेनिस बॉल क्रिकेट खेलनी जारी रखी। एक वक्त आया जब उनकी जॉब पर उनका पैशन भारी पड़ा और उन्होंने जॉब छोड़ दी। उन्होंने क्रॉमबेस्ट क्रिकेट क्लब को ऑलराउंडर (तेज गेंदबाज और बल्लेबाज) के तौर पर जॉइन किया। हालांकि, यहां भी किस्मत ने करवट ली। उन्हें तेज गेंदबाजी जल्द ही छोड़नी पड़ी, क्योंकि दूसरे ही मैच में वह अपना घुटना चोटिल करवा बैठे। 

स्पिनर बनने की ठानी
घुटना चोटिल होने के बाद वरुण ने स्पिनर बनने का फैसला किया। चोट से वापसी के बाद उन्होंने चेन्नै लीग के चौथे सीजन में जुबली क्रिकेट क्लब को जॉइन किया। इस टूर्नमेंट (2017-18) में उन्होंने घातक बोलिंग करते हुए सिर्फ 7 मैचों में 31 विकेट (एवरेज 8.26, इकॉनमी रेट 3.06) झटके। इस दौरान उन्होंने एक शानदार हाफ सेंचुरी भी लगाई। रेकॉर्ड देखकर अब आप भी समझ गए होंगे कि वरुण पर प्रिटी जिंटा की टीम ने यूं ही नहीं दांव खेला है। 

गेंदबाजी में है 7 वैरिएशन
– ऑफ ब्रेक 
– लेग ब्रेक 
– गुगली 
– कैरम बॉल 
– फ्लिपर 
– टॉपस्पिन 
– स्लाइडर गेंद (यह यॉर्कर की तरह होती है)