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घरेलू क्रिकेट के ब्रेडमैन माने जाने वाले इन 5 भारतीय खिलाड़ियों को नहीं मिला एक भी मैच खेलने का मौका

भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर रहे। इन प्रतिभाशाली क्रिकेटरों ने अपने खास हुनर से क्रिकेट में बहुत ही अलग पहचान बनायी। इनमें से बहुत से क्रिकेटरों ने भारतीय टीम के साथ अपने सफर को अंजाम दिया।

इन पांच प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट खेलने का नहीं मिला मौका

लेकिन इस बीच कुछ ऐसे घरेलू प्रतिभाशाली क्रिकेटर रहे जो जबरदस्त प्रतिभा होने के बाद भी भारतीय क्रिकेट टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट का हिस्सा कभी नहीं बन सके। तो आपके सामने रखते हैं ऐसे ही पांच भारतीय प्रतिभाशाली खिलाड़ी..

अमोल मजूमदार

मुंबई क्रिकेट इतिहास के सबसे शानदार बल्लेबाजों में से एक रहे अनुभवी बल्लेबाज अमोल मजूमदार में जबरदस्त बल्लेबाजी काबिलियत थी। अमोल मजूमदार की इसी काबिलियत ने उन्हें घरेलू क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर बनाया लेकिन वो भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिल पाया।

लेकिन इनको एक दुर्भाग्यशाली खिलाड़ियों में से एक माना जा सकता है। क्योंकि इतने शानदार बल्लेबाज होने के बाद भी उनके दौर में कई खिलाड़ियों के आने के कारण इनको मौका ही नहीं मिल सका। अमोल मजूमदार के नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 171 मैचों में 11167 रन होने के साथ ही इस दौरान 30 शतक और 60 अर्धशतक रहे।

देवेन्द्र बुंदेला

भारतीय घरेलू क्रिकेट में ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं जिनको घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन के दम पर भारतीय नेशनल टीम में खेलने का मौका नहीं मिल सका उनमें से ही एक थे मध्यप्रदेश के दिग्गज बल्लेबाज देवेन्द्र बुंदेला…..

मध्य प्रदेश के बहुत ही प्रतिभाशाली क्रिकेटरों में से एक रहे देवेन्द्र बुंदेला ने 164 प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10 हजार से ज्यादा रन बनाए। जिसमें उनका औसत 43.68 का रहा। लेकिन उन्हें अपने पूरे करियर में भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिल सका।

पंकज धरमाणी

पंजाब के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पंकज धरमाणी को शायद आज के युवा फैंस नहीं जानते होंगे लेकिन ये भारतीय घरेलू क्रिकेट इतिहास के सबसे शानदार खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। पंकज धरमाणी ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर में 147 मैचों में 50.06 की औसत से 9312 रन बनाए।

पंकज को भारत के लिए 1996 में एक वनडे मैच खेलने का मौका जरूर मिला लेकिन वो टेस्ट में एक अदद मौके के लिए तरसते रहे और करियर खत्म हो गया।

मिथुन मन्हास

देश की राजधानी दिल्ली के लिए खेलने वाले घरेलू क्रिकेट के सबसे शानदार बल्लेबाजों में से एक मिथुन मन्हास को कभी भी कमतर नहीं माना जा सकता है। भले ही मिथुन मन्हास अब अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके हो, लेकिन वो घरेलू क्रिकेट के बहुत ही प्रतिभाशाली बल्लेबाज रहे हैं।

मिथुन मन्हास ने अपने घरेलू क्रिकेट या यूं कहे कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट की तो उन्होंने 157 मैचों में 9714 रन बनाए । साथ ही वो स्पिन गेंदबाजी और विकेटकीपिंग की भी काबिलियत रखते थे। लेकिन इसके बाद भी उन्हें कभी भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिल सका।

अमरजीत केपी

पंजाब क्रिकेट गलियारों से नाता रखने वाले पूर्व दिग्गज घरेलू क्रिकेटर अमरजीत केपी भी एक जबरदस्त बल्लेबाज रहे हैं। अमरजीत केपी ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया।

इन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर में 117 मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 7623 रन बनाए। लेकिन इसके बाद भी इन्हें कभी भारतीय क्रिकेट टीमके लिए खेलने का मौका नहीं मिल सका।

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