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जिला अस्पताल में 6 माह से नहीं हो रहा ब्लड टेस्ट, मरीज परेशान

देवास 
मध्य प्रदेश का देवास जिला अस्पताल बदहाली के आंसू रो रहा है. जिले के सबसे बड़े अस्पताल में व्यवस्थाओं के लाख दावे किए जाए, लेकिन फिर भी व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रही है. जिला अस्पताल में लगातार मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि मरीजों को यहां नियमित सुविधाएं नहीं मिल रही है. जबावदार सीएमएचओ डॉक्टर सरल अफने अधिनस्थों के ऊपर जवाबदारी डालकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं. जिला अस्पताल में सुविधाएं पर्याप्त नहीं होने से अधिकांश मरीजों को इंदौर रेफर किया जा रहा है.

देवास के सबसे बड़े जिला अस्पातल में हर रोज सैंकड़ों मरीज पहुंचते हैं. इन मरीजों को मिलने वाली नियमित सुविधाएं कई महीनों से बंद पड़ी है. चिकित्सकों की कमी के कारण अस्पताल के कई विभागों में मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई है. कई महत्वपूर्ण विभागों पर ताले लगे हैं, जबकि कई चिकित्सक समय से अस्पताल ही नहीं पहुंचते. अस्पताल में डायलिसिस कैंसर यूनिट संचालित हैं, लेकिन अस्पताल में करीब छह माह से खून की जांच तक नहीं हो पा रही है.

सड़क हादसों में घायल होने वाले मरीजों को भी अस्पताल राहत देने में असमर्थ है. हड्डी के मरीजों के ऑपरेशन इस अस्पताल में करीब डेढ माह से बंद पड़े हैं तो वहीं खून की जांच करने वाली मशीन भी जून से बंद है. अस्पताल में अक्टूबर माह से ऑपरेशन थियटर का प्रमुख उपकरण सी-आर्म भी खराब हो गया है. अस्पताल में बायोकेमेस्ट्री मशीन खराब होने से खून की करीब 20 प्रकार की जांच यहां नहीं हो पा रही है. अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना संबंधित कंपनी को दी थी, लेकिन कंपनी ने मशीन ठीक नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया.

मामले में आरएमओ डॉ. एम.एस. गोसर का कहना है कि बायोकेमेस्ट्री मशीन के लिए भोपाल की कंपनी को रिपोर्ट भेजी गई है, अब नई मशीन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द ही नई मशीन उपलब्ध करवा दी जाएगी.