स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टीम के सिक्सर किंग युवराज सिंह आज अपना 37वां जन्मदिन मना रहे है। 12 दिसंबर 1981 को जन्मे युवराज सिंह ने भारतीय टीम को कई हारते हुए मैच जिताये। युवराज सिंह की लाइफ काफी संघर्षपूर्ण रही, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। कई बार उन्हें ख़राब फॉर्म से उन्हें जूझना पड़ा, तो कैंसर जैसे बीमारी को हराकर वापस लौटे। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी युवराज को जब पता चला कि उन्हें कैंसर है फिर भी वो टूर्नामेंट खेलते रहे।
ये बात साल 2011 वर्ल्ड कप के दौरान की है जब उन्हें पता चला कि उनको कैंसर है। 2011 के वर्ल्ड कप के दौरान उनकी तबियत काफी ज्यादा बिगड़ गई थी। एक इंटरव्यू में युवराज ने बताया कि एक सुबह जब वह सोकर उठे तो बुरी तरह खांसने लगे थे। उनकी खांसी में लाल रंग का म्यूकस निकला, वही 14 सेंटीमीटर का ट्यूमर था। उन्होंने आगे बताया कि, जब मैं डॉक्टर से मिला तो उन्होंने मुझे कहा कि मैंने अभी इलाज नहीं करवाया तो मेरी जान भी जा सकती है। मेरी सेहत लगातार खराब होती जा रही थी, खेल भी खराब होता जा रहा था। इसके बाद करीब 2 महीने तक कैंसर से लड़ते रहे और फिर से मैदान पर वापसी की।
एक ओवर में छह छक्के
साल 2007 के टी20 वर्ल्डकप को ना तो युवराज सिंह भूल सकते है और ना ही स्टुअर्ट ब्रॉड। स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में युवराज ने छह गेंदों पर छह छक्के जड़ दिए थे।
डेब्यू मैच में ही दिखा दिया था रंग
साल 2000 में केन्या में खेली गई आईसीसी नॉक आउट टूर्नामेंट के लिए सौरव गांगुली की कप्तानी में युवराज सिंह का चयन हुआ। लेकिन उन्हें केन्या के खिलाफ पहले मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने अपना डेब्यू मैच उस समय की नंबर वन टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला। अपने पहले ही मैच में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 84 रन बनाकर दिखा दिया वो लंबी रेस के घोड़े हैं। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और भारतीय टीम को कई मौको पर जीत दिलाई।
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