विराट कोहली आज की तारीख में देश के हर क्रिकेट प्रेमी की पहली पसंद हैं। अगर आप भी विराट कोहली के फैन हैं, तो बता दें कि विराट कोहली को लेकर ब्लूहम्स बरी इंडिया ने एक किताब प्रकाशित किया है, जिसका नाम है-ड्रिवेन : द विराट कोहली स्टोरी। सीनियर खेल पत्रकार विजय लोकापल्लीह इस किताब के लेखक हैं।इस किताब में विराट की जिंदगी के कुछ अनछुए हिस्सों को भी शामिल किया है।
इस स्टोरी में हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्रिकेट पिच पर विराट कोहली भी थप्पड़ खा चुके हैं।जी हां, मैं बात कर रहा हूं कि विराट कोहली के टीचर राजकुमार के बारे मेंजो अपने इस धुरंधर शिष्य को तब से जानते हैं, जब कोहली 10 साल के थे। इस किताब में राजकुमार ने खुलासा किया है कि विराट कोहली को अपने ज्यादा उम्र के खिलाड़ियों के साथ खेलने का शौक था। उनकी उम्र के खिलाड़ी विराट कोहली को जल्दी आउट नहीं कर पाते थे।
राजकुमार बताते हैं कि टीम अगर कम स्कोर पर आउट होती तो विराट कोहली पहले बैटिंग पर जाना चाहते थे। वह अपने इस कोच कहते थे कि अगर उन्हें बैटिंग नहीं मिली तो उनका क्या होगा। विराट कोहली हमेशा चौथे क्रम पर बल्लेबाजी के लिए उतरते थे। आउट होने के बाद भी वो अपने पैड नहीं उतारते थे।
टीचर राजकुमार के मुताबिक, विराट कोहली जब भी कोई गलती करते थे, वह बिल्कुल नरमी नहीं बरतते थे। वह कहते हैं कि मैं उसे केवल डांटता ही नहीं था, बल्कि कई बार झन्नाटेदार थप्पड़ भी लगाए हैं।विराट कोहली की कवर ड्राइव को उनके पुराने कोच राजकुमार उनकी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। कवर ड्राइव के चक्कर में कोहली अपना विकेट खो देते थे।
राजकुमार के मुताबिक, एक बार कोहली को छक्के मारने की सनक सवार हो गई थी। तब उन्होंने कहा कि जब तक तू फिफ्टी नहीं लगा लेता तब तक छक्काजड़ने की कोशिश नहीं करेगा।गौरतलब है कि टीचर्स डे पर इंडिया के कप्तान विराट कोहली अपने कोच राजकुमार को थैंक्सकहा था। विराट अपनी कामयाबी का श्रेय अपने गुरू राजकुमार को देना कभी नहीं भूलते हैं।
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