Halo !!! Saya Kang Ismet, ini adalah blog tentang AMP HTML dan cara penerapannya

सौरव गांगुली ने इस खिलाड़ी का किया धन्यवाद, कहा कभी बचाया था मेरा करियर

भारतीय क्रिकेट में जब भी वीवीएस लक्ष्मण की करियर की बात की जाती हैं, तो सबसे पहले दिमाग में आती हैं , उनकी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 281 रन की पारी। इस पारी को खेलने से पहले भारतीय टीम के इस बेहतरीन खिलाड़ी को कभी टीम के अंदर तो कभी टीम से बाहर होते हुए देखा गया।

लेकिन भारत के लिए खेली इस पारी के बाद लक्ष्मण ने भारतीय क्रिकेट टीम ने अपनी जगह तो पक्की की ही थी, बल्कि उस समय के कप्तान सौरव गांगुली के डूबते करियर को भी बचाया था। इस बात का खुलासा खुद गांगुली ने करते हुए कहा हैं कि ,इस पारी ने असल में उनका करियर बचाया हैं।

मुश्किल दौर में गांगुली ने संभाली कप्तानी


भारतीय क्रिकेट 21वीं सदी की शुरुआत में मैच फिक्सिंग प्रकरण से बेहाल चल रहा था। उस समय सौरव गांगुली को भारतीय टीम की कमान सौंपी गई थी। भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट मैच के दौरान भारतीय टीम मुंबई में हार के बाद से ही ऑस्ट्रेलिया से 0-1 से पीछे चल रही थी। जिसके बाद कोलकाता टेस्ट मैच में टीम को फ़ॉलोआन खेलने को कहा गया था।

उस समय लक्ष्मण की 281 रनों की पारी के साथ राहुल द्रविड़ की 180 रनों की शानदारी पारी और इन दोनों खिलाड़ियों के बीच पांचवें विकेट की 376 रन की साझेदारी से भारत ने उस समय पर 171रनों के साथ शानदार जीत हासिल की थी।

भारत की इस जीत के बाद ही ऑस्ट्रेलियाई टीम का लगातार 16 जीत का रिकॉर्ड भी थम गया था। इस मैच के बाद से ही भारतीय क्रिकेट में अपनी शांत प्रवृति के लिए जाने वाले लक्ष्मण ने जब अपनी आत्मकथा लिखने का फैसला किया।

लक्ष्मण को अपनी किताब के शीर्षक ‘281 एंड बियांड’ के लिए ज्यादा सोच विचार करने की जरुरत नहीं पड़ी। जिसके बाद गांगुली ने मजाकिया लहजे में बोला कि “वो शीर्षक से निराश हैं।”

यह उपयुक्त शीर्षक नहीं है।


लक्ष्मण की किताब के कोलकाता चरण के विमोचन के दौरान पूर्व कप्तान गांगुली ने कहा कि,

“मैंने एक महीने पहले करीब उसे मैसेज किया था। लेकिन मेरे मैसेज का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। मैंने उनको कहा था कि ये आपकी किताब के लिए उपयुक्त शीर्षक नहीं है। इसका सही शीर्षक ‘281 एंड बियांड और डेट सेव्ड सौरव गांगुली करियर’ होना चाहिए। यानी की वो पारी जिसने गांगुली का डूबता करियर बचा लिया।”

इतना ही नहीं उन्होंने आगे बात करते हुए ये भी कहा कि,

‘मैंने इस शीर्षक का विरोध किया था, क्योंकि अगर वह 281 रन नहीं बनाता तो हम टेस्ट हार जाते और मैं दोबारा कप्तान नहीं बनता।’

The post सौरव गांगुली ने इस खिलाड़ी का किया धन्यवाद, कहा कभी बचाया था मेरा करियर appeared first on SportzWiki Hindi.