भारतीय टीम के पूर्व कप्तान धोनी का नाम दुनिया के बड़े फिनिशर और एक बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाजों की लिस्ट में लिया जाता हैं। धोनी एक ऐसे बल्लेबाज हैं। जो मैदान पर अकेले होते हुए भी चार -चार खिलाड़ियों की भूमिका निभा लेते हैं। इान को देखते हुए ही इनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुये ही इन्हें भारतीय टीम का कप्तान चुना गया था।
धोनी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। इस बात का सबूत वो खुद बहुत बार दे चुके हैं। धोनी जब से भारतीय टीम का हिस्सा बने हैं। तब से टीम इंडिया ने बेहतरीन प्रदर्शन दिया हैं। टीम को धोनी के होते हुए कभी भी किसी दूसरे विकल्प की जरुरत नहीं पड़ी।
टीम के अंदर किसी भी दूसरे विकेटकीपर को तब ही मौका दिया जाता था। जब धोनी बीमार होते थे। धोनी को आराम के लिए भेजा जाता था। तो आइये आज इसी कड़ी में बात करते हैं ऐसे पांच भारतीय विकेटकीपर्स के बारें में जिन्हें धोनी के चलते टीम इंडिया से बाहर रहना पड़ा।
ऋद्धिमान साहा

अपने अद्भुत रिफ्लेक्सेज और विकेटकीपिंग कौशल से भारतीय टीम में अपनी पहचान बनाने वाले ऋद्धिमान साहा की विशेषज्ञों ने काफी तारीफ की हैं। बता दे इस खिलाड़ी की बल्लेबाजी शुरुवात से ही थोड़ी कमजोर रही हैं। लेकिन विकेटकीपिंग में इनकी पकड़ काफी मजबूत हैं। साल 2014 के दौरान ये खिलाड़ी अपनी जबरदस्त फॉर्म में चल रहा था।
जिसके चलते साहा ने फाइनल में पंजाब की टीम के लिए एक बेहतरीन शतक लगाया था। उस समय ये खिलाड़ी आईपीएल के फाइनल में शतक जड़ने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। साल 2014 के दौरान ही धोनी ऑस्ट्रेलियाई दौरे के बाद से टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो गए थे।
जिसके बाद से साहा को टीम में शामिल किया गया। तब से लेकर ये खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहा हैं। लेकिन 2018 में चोटिल होने के कारण ये टीम से बाहर हो गए।
पार्थिव पटेल

साल 2002 के दौरान महज 17 वर्ष की उम्र में इस खिलाड़ी ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। इस मैच के दौरान इनका बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला था। साल 2004 तक इन्होंने कई सारी विदेशी पारियां खेली हैं। जिसमें उनका सराहनीय प्रदर्शन देखने को मिला हैं।
लेकिन कुछ समय बाद ही इस खिलाड़ी का प्रदर्शन ख़राब होता चला गया। जिसके चलते इन्हे टीम से बाहर कर दिया गया। हालांकि घरेलू मैचों में अपने अच्छे प्रदर्शन के चलते ये कभी भी टीम से बाहर खिलाडियों की रडार पर नहीं आये।
जिसके चलते उन्होंने कई बार टीम इंडिया के लिए। लेकिन वो कभी भी टीम में अपनी जगह सुनिचित नहीं कर पाए। बता दे इस खिलाड़ी ने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ और 2018 में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध खेला था।
रॉबिन उथप्पा

उथप्पा ऐसे खिलाड़ियों में से एक हैं जो अपना शॉट खेलने से हिचकते नहीं थे। लेकिन इस बेहतरीन खिलाड़ी का करियर दो खिलाड़ियों के कारण अभी नहीं बन पाया। उनमे से पहले बल्लेबाज तो धोनी हैं। जिनके रहते कभी भी इस खिलाड़ी को विकेटकीपिंग का मौका नहीं मिला। और उन्हीं में से दूसरे बल्लेबाज हैं
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कोहली जिसके चलते ये कभी भी मध्य क्रम में नहीं खेल पाए। बता दे साल 2006 में उथप्पा ने अपने वनडे करियर की शुरुवात की थी। 2007 तक ये खिलाड़ी भारतीय टीम का अभिन्न अंग रहे थे।
इन्होंने भारत सफल अभियान में भी अपना काफी योगदान दिया था। लेकिन साल 2008 के दौरान ये अपने ख़राब प्रदर्शन के चलते टीम से बाहर हो गए। 2016 में इन्हें एक बार से टीम ने शामिल किया गया था। लेकिन ये टीम में ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाए।
दिनेश कार्तिक

इस खिलाड़ी को टीम इंडिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक माना जाता हैं। कार्तिक ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के चलते भारतीय टीम को कई बार मैचों के दौरान जीत दिलाई हैं। बता दे धोनी से पहले और पार्थिव पटेल के बाद अपने अंतर्राष्ट्रीय शुरुआत कर इस खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन के कारण टीम इंडिया में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली थी।
लेकिन इनके बिगड़ते प्रदर्शन के चलते इन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। जिसके बाद धोनी भारतीय टीम में शामिल हुए। कार्तिक ने साल 2007 में एक बार फिर से अपनी वापसी टीम में दर्ज कराई थी।
उन्होंने इस दौरान काफी रन भी बनाये थे। 2018 में उन्होंने खुद को एक बेहतरीन बल्लेबाज साबित करते हुए र्ल्ड कप में अपनी दावेदारी पेश की है।
The post यह हैं वो चार विकेटकीपर जिनको महेंद्र सिंह धोनी के चलते रहना पड़ा भारतीय टीम से बाहर appeared first on SportzWiki Hindi.